सुबह SDM-खनिज विभाग पर गाड़ियां छोड़ने का आरोप, रात में शिकायतकर्ता पर ही FIR; ग्वालियर में अवैध खनन कार्रवाई पर सवाल
ग्वालियर के बिलौआ क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को इस मामले में एक ऐसा संयोग देखने को मिला जिसने पूरी कार्रवाई को विवादों में ला दिया।
सुबह के समय एक व्यक्ति ने जनसुनवाई में पहुंचकर डबरा एसडीएम और खनिज विभाग की टीम पर अवैध खनन में पकड़ी गई गाड़ियां छोड़ने का आरोप लगाया। उसी रात शिकायतकर्ता समेत छह लोगों पर ही एफआईआर दर्ज कर ली गई।
जनसुनवाई में विभाग पर लगे गंभीर आरोप
मंगलवार को त्यागी नगर, मुरार के रहने वाले रवि किशोर कटारे ने कलेक्टर की जनसुनवाई में एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 सितंबर 2026 को कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष केदार कंसाना की खदान पर एसडीएम डबरा और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की थी।
इस दौरान मौके से अवैध खनन में लगे कुल 26 वाहनों और मशीनों को पकड़ा गया था, जिनमें 5 पोकलेन, 2 आईआर मशीन और 19 डंपर शामिल थे। शिकायत में दावा किया गया कि बाद में सरकारी कागजों और पंचनामे में हेरफेर कर दी गई और केवल 5 डंपरों की जब्ती दिखाकर बाकी 21 वाहनों व मशीनों को छोड़ दिया गया, जो कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का सीधा उल्लंघन है।
रात होते ही शिकायतकर्ता समेत छह पर केस दर्ज
दिन में शिकायत हुई और मंगलवार रात को ही खनिज विभाग के प्रभारी अधिकारी के निर्देश पर बिलौआ थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई। यह मामला 8 सितंबर को ग्राम रफादपुर (तहसील डबरा) के खसरा क्रमांक 151/02 पर पकड़े गए अवैध खनन से जुड़ा बताया गया।
इस एफआईआर में शिकायतकर्ता से जुड़े रामू कटारे के अलावा अरविंद शर्मा, रोशन शर्मा, नगेन्द्र उर्फ पिंकी जैन, आशीष शर्मा और कुलदीप शर्मा को नामजद किया गया है। खनिज निरीक्षक आरके तिवारी के आवेदन पर दर्ज हुए इस मामले में बताया गया है कि मौके पर 1566 घनमीटर अवैध खनन पाया गया था और एक मशीन जब्त कर 11 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना (शास्ति) लगाया गया था।
खनिज निरीक्षक ने दी सफाई
इस पूरे मामले में ग्वालियर के खनिज निरीक्षक आरके तिवारी का कहना है कि मंगलवार रात को दर्ज हुई एफआईआर 8 सितंबर की कार्रवाई से संबंधित है और जिन पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें शिकायतकर्ता भी शामिल है।
वहीं 24 सितंबर को कंसाना खदान पर हुई कार्रवाई में गाड़ियां छोड़ने के आरोप को उन्होंने निराधार बताया है। उनका तर्क है कि जहां कार्रवाई हुई, वहां आसपास और भी खदानें हैं जिनके वाहन वहां खड़े थे, किसी भी पकड़े गए वाहन को नहीं छोड़ा गया है।


