गाजियाबाद #स्विगी पर #फर्जी_रेस्टोरेंट बनाकर 30 लाख का #साइबर_फ्रॉड...

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गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की साइबर क्राइम टीम ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विग्गी पर फर्जी रेस्टोरेंट बनाकर साइबर फ्रॉड करने के मामले में 21 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड की डिटेल हासिल कर अपने ही फर्जी रेस्टोरेंट पर ऑर्डर कराए और उन्हें डिलीवर दिखाकरnस्विग्गी के माध्यम से अपने बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कराई। इस तरह करीब 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप बरामद किया गया है।



शिकायत के बाद शुरू हुई जांच


इस मामले में वसुंधरा-इंदिरापुरम स्थित जोखिम प्रबंधन टीम के मैनेजर बिस्वजीत चौधरी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने गर्वित पुत्र संजीव कुमार, मूल निवासी रोहतक और वर्तमान में वैशाली सेक्टर-3 निवासी, को 18 सितंबर 2026 को कौशांबी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी की उम्र करीब 21 वर्ष है और उसने बी.कॉम तक पढ़ाई की है।


यू ट्यूब वीडियो से सीखा फ्रॉड का तरीका


पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टेक महिंद्रा में कस्टमर केयर की नौकरी करता था। युटुब पर वीडियो देखने के दौरान उसे इस तरह साइबर फ्रॉड करने का तरीका पता चला। इसके बाद उसने 'श्याम की रसोई' और 'राधा की रसोई' नाम से फर्जी रेस्टोरेंट तैयार किए और FSSAI के पंजीकरण प्रमाणपत्र हासिल किए।


पुलिस के अनुसार आरोपी को टेलीग्राम पर फास्ट ओटीपी बोट नामक चैनल की जानकारी मिली, जहां से उसे क्रेडिट कार्ड और स्विगी खातों से जुड़ा डेटा मिला। आरोपी ने कथित तौर पर एक्सिस बैंक के 52 क्रेडिट कार्ड की डिटेल हासिल की।


खुद के रेस्टोरेंट पर कराता था ऑर्डर


आरोपी ने अपने मोबाइल नंबर और बैंक खाते से फर्जी रेस्टोरेंट को स्विग्गीपर रजिस्टर किया। इसके बाद वह जिओ जॉइन एप के जरिए वाई-फाई कॉलिंग कर खुद को एक्सिस बैंक का ग्राहक सेवा अधिकारी बताता था। पुलिस के मुताबिक वह कार्डधारकों को सर्विस चार्ज या लेट पेमेंट हटाने के नाम पर झांसे में लेकर स्विग्गीऑर्डर के भुगतान की ओटीपी हासिल करता था।


ओटीपी मिलने के बाद आरोपी उन्हीं कार्ड से अपने फर्जी रेस्टोरेंट पर ऑर्डर कराता और ऑर्डर को फर्जी तरीके से डिलीवर दिखाकर स्विग्गी से भुगतान अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लेता था। बाद में रकम एटीएम और चेक के जरिए निकाली जाती थी।


रेस्टोरेंट बैन होने पर बदल देता था नाम


पुलिस के मुताबिक 'श्याम की रसोई' पर शिकायत आने के बाद आरोपी ने 'राधा की रसोई' नाम से दूसरा फर्जी रेस्टोरेंट बनाया। इसे स्विग्गी द्वारा बैन किए जाने के बाद उसने 'खाना खजाना' नाम से तीसरा फर्जी रेस्टोरेंट रजिस्टर कराया और इसी के जरिए फ्रॉड जारी रखा।


पुलिस के अनुसार 17 सितंबर 2026 को आरोपी ने से प्राप्त एक क्रेडिट कार्ड की मदद से Swiggy पर करीब 38 हजार रुपये का ऑर्डर अपने फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर जनरेट कर साइबर फ्रॉड किया था।


टेलीग्राम चैनल तक पहुंचने की कोशिश


पुलिस ने आरोपी से चैनल की चैट, क्रेडिट कार्ड की डिटेल वाली गूगल शीट फर्जी रेस्टोरेंट के FSSAI दस्तावेज और इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर से संबंधित साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार टेलीग्राम चैनल द्वारा चोरी किए गए डेटा के बदले जिन QR कोड पर भुगतान लिया गया, उनके आधार पर और टेलीग्राम यूजर आईडी से संबंधित जानकारी जुटाकर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है...


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