जरूरत है श्रीमती की" नाटकीयता अपेक्षा में खरी नहीं रही

 "जरूरत है श्रीमती की" नाटकीयता अपेक्षा में खरी नहीं रही!!


#शाहजहांपुर में काफी समय बाद अभिव्यक्ति नाट्य संस्था ने एक हास्य नाटक का मंचन गांधी भवन में किया। सुधी दर्शकों को बहुत अपेक्षा थी कि महानगर की चर्चित संस्था नाटक कर रही है तो कुछ विशेष देखने को मिलेगा...लेकिन अपेक्षानुरूप प्रस्तुति नहीं रही!!


#यही नाटक करीब ढ़ाई दशक पहले बरेली के वरिष्ठ रंगकर्मी और निर्देशक स्वर्गीय राकेश श्रीवास्तव ने यहां के कलाकारों के अलावा बरेली के रंगकर्मियों को लेकर भी मंचित किया था..वह अभिनय की दृष्टि से अभी भी मानस पटल पर अंकित है। अभिव्यक्ति के कलाकारों ने बहुत दिनों रिहर्सल कर पसीना बहाया। गांधी भवन का निर्माण पूरा न होने के कारण मंचन टला भी। आखिर, रविवार को यह नाटक मंचित किया गया। राजुकमार अनिल लिखित नाटक का निर्देशन जनपद रत्न से सम्मानित रंगकर्मी शमीम आज़ाद ने किया। 

#नाटक में हास्य विनोद ही था। कथानक मलय कुमार असली नकली और कविराज के बीच उत्पन्न परिस्थितियों पर आधारित रहा। आख़िर, असली मलय कुमार त्याग करता है, नायिका मंदा को चित्रकार के हवाले करने में अहम भूमिका निभाता है। अगर अभिनय की दृष्टि से देखें तो रामजी मुनीम बने जय सिंह ने नाटकीयता के साथ अभिनय कर अपनी छाप छोड़ी। असली मलय कुमार का चरित्र निभा रहे राजेश भारती ने दर्शकों को गुदगुदाया। सेठ हरिदास की भूमिका में खालिद हसन, चित्रकार मुकेश चंद्र बनर विशाल पाल, कवि प्रेमपुरी के रोल में आरव, मंदा के चरित्र में वर्षा वर्मा आयरा, नौकर बने अभय कश्यप पात्रानूरूप ही रहे। 

#मंच परे में प्रस्तुति प्रबन्धक संजय राठौर, मंच प्रबंधक अरविंद चोला, संगीत अंकित त्रिवेदी, रूप सज्जा सपना, शैलेंद्र पटेल, मंच सज्जा आशीष वर्मा व शिवम कुमार, प्रकाश व्यवस्था सोनू सक्सेना व रोहित वर्मा, वस्त्र सज्जा देवा और आर्यन अवस्थी की रही। वस्त्र सज्जा की बात करें तो नायिका ने चार बार कपड़े बदले, लेकिन सेठ, मुनीम नौकर और मलय कुमार आखिर तक उसी वस्त्र नज़र आए। संगीत कभी इतना लाउड हो गया कि संवाद समझ न आए.. नौकर ने जरुरत से ज्यादा इंप्रोवाइज कर लिया...जब फोन बेसिक इस्तेमाल हो रहा था..नौकर नए जमाने के ट्रॉली बैग के साथ डिजिटल की बात कर रहा था। 

#मंचन में सहयोग अनिल राठौर खिलाड़ी, परविंदर सिंह, सुनील राठौर, धीरेन्द्र यादव, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, अभिजीत और अभिषेक कुमार का रहा। पात्र परिचय डॉ सुरेश मिश्रा ने कराया। मंच पर नारियल फोड़ कर शुभारंभ श्री कठेरिया और अरुण कुमार ने कराया। विशेष सहयोग यासीन मलिक का रहा। मंचन के दौरान भोर फाउंडेशन की अध्यक्ष स्वाति सिंह, वरिष्ठ व्यापारी नेता चंद्रवीर गंगू, पार्षद आशीष शुक्ला आदि मौजूद रहे। समापन पर सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। 

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जन मन न्यूज़ 

DM Shahjahanpur 

Sanjay Rathore 

HB Entertainment 97

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