ये कोई मामूली टंकी नहीं है, बेल्जियम से चलकर लखीमपुर खीरी आ रहा है!
फोटो में दिख रहा ये विशालकाय रिएक्टर वेसल / बॉयलर सीधे बेल्जियम से आया है और अब जा रहा है अपने घर - *बलरामपुर चीनी मिल्स की कुंभी यूनिट, लखीमपुर खीरी।*
बहुत लोग पूछेंगे इसमें नया क्या है? तो सुनो -
ये उसी कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है जहाँ पर दो बड़े प्रोजेक्ट लग रहे हैं -
1. एथनॉल प्लांट और 2. देश का पहला इंटीग्रेटेड बायोप्लास्टिक (PLA) प्लांट।
कुंभी में जो PLA प्लांट लग रहा है वो मामूली बात नहीं -
- भारत का पहला ऐसा प्लांट जहाँ गन्ने से सीधे बायोप्लास्टिक बनेगा
- क्षमता - 80,000 टन सालाना
- निवेश - लगभग 3000 करोड़
- 100% रिन्यूएबल एनर्जी से चलेगा
- अभी पिछले हफ्ते ही भारत सरकार ने इसके R&D के लिए 75 करोड़ की ग्रांट भी दी है BioE3 योजना के तहत c38d
मतलब गन्ना अब सिर्फ चीनी और एथनॉल ही नहीं, तुम्हारी प्लास्टिक की थाली, चम्मच, स्ट्रॉ, कप तक बनाएगा - और वो भी पूरी तरह बायो-डिग्रेडेबल।
ये वही सड़क पर ट्रॉली में लदा विशालकाय जुगाड़ है जिसको देखने के लिए लोग रुक जा रहे हैं।
खैर, लखीमपुर-खीरी अब सिर्फ गन्ना बेल्ट नहीं, ग्रीन टेक्नोलॉजी का हब बनने जा रहा है। नखलऊ वालों को भी खबर होनी चाहिए!
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