*नोटिस के जरिये DPRO घनश्याम सागर ने BDO परसरामपुर से की अवैध वसूली*
- बिना डीएम के अनुमति के सचिवों द्वारा भुगतान करने पर PM व CM पोर्टल पर हुई थी शिकायत
- CM पोर्टल पर DPRO घनश्याम सागर ने अपलोड किया मनगंढत व कूटरचित आख्या रिपोर्ट
- 13 अगस्त को DPRO ने BDO परसरामपुर को जारी किया है नोटिस, नोटिस में बिना DM के अनुमति के करोड़ों रुपए भुगतान का DPRO ने लगाया था आरोप
*बस्ती*- ऐसा पानी पीता हूं कि खुदा भी नही जानता है की पुरानी कहावत DPRO घनश्याम सागर चरितार्थ कर रहे हैं जैसे - जैसे DPRO घनश्याम सागर के सेवानिवृत्ति की तिथि नजदीक आ रही है वैसे - वैसे DPRO भ्रष्टाचार करने में तेजी कर रहे हैं और भाजपा सरकार के जिम्मेदार अधिकारी अपना हिस्सा कमीशन लेकर कुंभकर्णी नींद में मस्त हैं ।
आपको बता दें कि DPRO घनश्याम सागर बस्ती ने 13 अगस्त 2026 को BDO परसरामपुर को नोटिस जारी किया था और आरोप लगाया था कि विकासखण्ड परसरामपुर की ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग / केन्द्रीय वित्त आयोग की धनराशि के भुगतान सम्बंधित आन लाइन स्थिति की समीक्षा की गयी । समीक्षा के दौरान दिनांक -07-08-2026 तक परसरामपुर के अधिकांश ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं केन्द्रीय वित्त आयोग की अत्यधिक मात्रा में धनराशि का भुगतान किया जाना पाया गया है जबकि किसी भी स्थिति में बिना जिलाधिकारी से स्वीकृति प्राप्त करने के लिए कोई आवेदन पत्र अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्राप्त नही हुआ है । इस प्रकार स्पष्ट है कि साचवों द्वारा शासनादेश में दिये गये प्राविधानों के विरुद्ध सक्षम प्राधिकारी / जिलाधिकारी बस्ती से बिना स्वीकृति प्राप्त किये ही मनमाने ढंग से धनराशि को खाते से आहरित कर उसका दुरुपयोग किया गया है जो शासनादेश के विपरीत एवं वित्तीय नियमों के विरुद्ध है उक्त प्रकरण को लेकर DPRO ने BDO परसरामपुर से 07 कार्य दिवस के अन्दर स्पष्टीकरण मांगा था ।
लेकिन DPRO घनश्याम सागर के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ IGRS शिकायत पर अपलोड फर्जी रिपोर्ट से हुआ । DPRO ने IGRS पर अपलोड फर्जी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि विकास खण्ड - परसरामपुर में बिना DM के अनुमति के कोई भुगतान नहीं हुआ है और सारी प्रक्रिया पूर्ण कर के ली सरकारी धन का भुगतान किया जा रहा है । CM पोर्टल *हंसी मजाक* का पोर्टल बनता जा रहा है जब गलत रिपोर्ट लगाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नही होगी तो पीड़ितों को कैसे न्याय मिलेगा ?
*अब बड़ी बात यह है जब ब्लाक - परसरामपुर में बिना DM के अनुमित के भुगतान नही हुआ था तो DPRO ने BDO परसरामपुर को नोटिस क्यों जारी किया था ?* इस प्रकार स्पष्ट है कि BDO परसरामपुर से अवैध वसूली करने के उद्देश्य से DPRO ने नोटिस जारी किया था ।
जब पहले बिना DM के अनुमति के अधिकांश ग्राम पंचायतों में भुगतान हुआ था तो नोटिस जारी होने के बाद कैसें DM के अनुमति की प्रक्रिया पूर्ण हो गई ? जो जांच का विषय बना हुआ है जिसको लेकर जिले में तरह - तरह की चर्चाएं चल रही है ।


