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अक्सर सरकारी ड्यूटी, विशेषकर जनगणना जैसे व्यापक कार्यों में कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल से काफी दूर भेज दिया जाता है, जिससे समय की बर्बादी और मानसिक तनाव बढ़ता है। इसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश जारी किया है कि:

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 शाहजहाँपुर। भारत की आगामी जनगणना-2027 को लेकर जहाँ एक ओर प्रशासनिक तैयारियाँ तेज हैं, वहीं शाहजहाँपुर के जिलाधिकारी Dharmendra Pratap Singh अपने एक मानवीय और व्यावहारिक निर्णय को लेकर सुर्खियों में हैं। डीएम के एक ताजा आदेश ने न केवल सरकारी कर्मचारियों का दिल जीत लिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसे 'मॉडल गवर्नेंस' का सटीक उदाहरण बताया जा रहा है।


क्या है डीएम का ऐतिहासिक निर्णय?


अक्सर सरकारी ड्यूटी, विशेषकर जनगणना जैसे व्यापक कार्यों में कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल से काफी दूर भेज दिया जाता है, जिससे समय की बर्बादी और मानसिक तनाव बढ़ता है। इसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश जारी किया है कि:



"जनगणना कार्य में लगे समस्त पर्यवेक्षकों (Supervisors) और प्रगणकों (Enumerators) को उनके वर्तमान तैनाती स्थल के निकटतम क्षेत्रों में ही ड्यूटी आवंटित की जाए।"


इस आदेश का उद्देश्य कर्मचारियों को अनावश्यक भाग-दौड़ से बचाना और उन्हें पूरी ऊर्जा के साथ सटीक डेटा एकत्र करने के लिए प्रोत्साहित करना है।


डिजिटल और फिजिकल गणना का रोडमैप (2026-27)


अपर जिलाधिकारी (वि./रा.)/जिला जनगणना अधिकारी अरविन्द कुमार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, आगामी चरणों की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है:


स्व-गणना (Self-Enumeration): इतिहास में पहली बार आम नागरिक 07 मई से 21 मई 2026 तक पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना कर सकेंगे।


प्रथम चरण: मकान सूचीकरण और गणना का कार्य 22 मई से 20 जून 2026 तक संचालित होगा।


निगरानी तंत्र: जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल नामित किया गया है। एक नोडल अधिकारी अधिकतम 10 पर्यवेक्षकों के कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।


सोशल मीडिया पर 'शाहजहाँपुर मॉडल' की चर्चा


जैसे ही यह आदेश सार्वजनिक हुआ, कर्मचारियों ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करना शुरू कर दिया। अन्य जनपदों के कर्मचारियों का भी कहना है कि यदि सभी जिलों के जिलाधिकारी इसी तरह की संवेदनशीलता दिखाएं, तो सरकारी कार्यों की गुणवत्ता और गति में अभूतपूर्व सुधार हो सकता है।


विशेषज्ञों का मत: जानकारों का मानना है कि जब प्रगणक अपने परिचित भौगोलिक क्षेत्र में कार्य करता है, तो उसे स्थानीय भाषा और रास्तों की बेहतर समझ होती है, जिससे डेटा की सटीकता (Accuracy) बढ़ती है।


अधिकारियों को सख्त निर्देश


DM Shahjahanpur ने समस्त उपजिलाधिकारी (SDM), तहसीलदार और नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि HLB (Houselisting Block) का आवंटन करते समय कर्मचारी की सुगमता का विशेष ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।


शाहजहाँपुर प्रशासन का यह कदम यह साबित करता है कि प्रशासनिक कुशलता केवल सख्त आदेशों से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति और व्यावहारिक दृष्टिकोण से आती है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के इस निर्णय ने व्यवस्था और कर्मचारी के बीच की दूरी को कम करने का काम किया है।


ब्यूरो रिपोर्ट, शाहजहाँपुर।


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