****पुवायां बिजली निगम में भ्रष्टाचार, जांच में दोषी बाबू पर नहीं हुई कार्यवाही****
शाहजहांपुर (पुवायां):
पुवायां विद्युत उपखंड में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। एक पूर्व जांच में उपखंड अधिकारी और बिल लिपिक को दोषी पाए जाने के बावजूद केवल अधिकारी पर कार्रवाई कर बाबू को बचा लिया गया, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, 09 अक्टूबर 2025 को पूर्ण हुई जांच में उपखंड अधिकारी और बिल लिपिक दोनों को दोषी माना गया था। इसके बाद उपखंड अधिकारी का गैर जनपद ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन बिल लिपिक गौरव पटेल पर किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
बताया जाता है कि बिल संशोधन (Bill Revision) का मुख्य कार्य बिल लिपिक के जिम्मे होता है, ऐसे में उस पर कार्रवाई न होना विभागीय मिलीभगत की ओर संकेत करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला भ्रष्टाचार की जड़ों के मजबूत होने को दर्शाता है।
इतना ही नहीं, हाल ही में यह भी आरोप सामने आया है कि संबंधित बिल लिपिक द्वारा IGRS पोर्टल पर फर्जी आख्या लगाकर शिकायत को दबा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मामले को लेकर विभाग की कार्यशैली पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
सूत्रों की मानें तो अब यह मामला न्यायालय तक पहुंचने की तैयारी में है। यदि ऐसा होता है तो विभाग के एक या दो अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
पुवायां बिजली निगम में लगातार सामने आ रही खामियां इस बात का संकेत हैं कि कहीं न कहीं उच्च अधिकारियों की संलिप्तता भी हो सकती है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में पारदर्शिता बरतते हुए दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है।
