मिर्जापुर में भीड़ ने पुलिस के साथ जो कुछ किया...
पुलिस चौकी में घुसकर एक सिपाही को घसीट-घसीटकर पीटा। दरोगा की वर्दी फाड़ दी। मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। जमकर गाली-गलौज की गई।
दरअसल...
शहर कोतवाली क्षेत्र में 29 अप्रैल यानी बुधवार रात करीब 10:30 बजे सूचना आयोग कार्यालय के पास एक ई-रिक्शा की पैदल जा रहे युवक से हल्की टक्कर हो गई। युवक के साथ मौजूद 6 लोगों ने ई-रिक्शा चालक गुड्डू सरदार को खींचकर सड़क पर गिरा दिया और लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर 100 मीटर दूर स्थित पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ई-रिक्शा चालक को छुड़ाया। पिटाई करने वालों पकड़कर चौकी ले आए। चौकी में भी हमलावर पुलिस के सामने ही ई-रिक्शा चालक से मारपीट करने लगे।
हेड कॉन्स्टेबल कमलेश पासवान ने गुड्डू सरदार को बचाने के लिए उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद हमलावरों ने चौकी से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव नेवली से रात 11:30 बजे करीब 20 लोगों को फोन कर पुलिस चौकी बुला लिया।
देखते ही देखते भीड़ जुटी। चौकी को घेर लिया। वे गुड्डू को कमरे से बाहर निकालने की मांग करने लगे। इस दौरान एक युवक वीडियो बना रहा था। सिपाही कमलेश पासवान ने उसका मोबाइल छीन लिया। नाराज होकर भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया। सिपाही कमलेश पासवान को चौकी के अंदर घसीट-घसीटकर पीटा गया। उनका सिर फट गया और खून बहने लगा।
बीच-बचाव कर रहे चौकी प्रभारी मनोज कुमार राय की वर्दी फाड़ दी गई। उनका बैज नोच लिया गया। दो अन्य पुलिस कर्मियों से भी मारपीट की गई। मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए गए। पुलिस चौकी में तैनात 3 आरक्षी और 8 महिला सिपाही बीच-बचाव करते रहे। शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक कई आरोपी फरार हो चुके थे।
पुलिस ने नेवली गांव के भरत तिवारी, मनोज त्रिपाठी और विकास त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों ने हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार की। एक और को पकड़ा गया था, लेकिन उसके बेटे की शादी थी। इसलिए उसे छोड़ दिया गया।
तस्वीर सिपाही को पीटने वाले तीन गिरफ्तार आरोपियों की है।
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