*श्रीमान पुलिस महानिदेशक उ0प्र0, लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे अभियान “ऑपरेशन कनविक्शन” के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक महोदया जनपद खीरी के कुशल निर्देशन व श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक(पश्चिमी) जनपद खीरी के निकट पर्यवेक्षण व मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन विभाग के प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप जनपद खीरी से दिनांक 04.05.26 को 03 मामलो में माननीय न्यायालय जनपद खीरी द्वारा दोषसिद्ध करते हुये दण्डित किया गया है सजा का विवरण निम्नवत है।-*
1.वर्ष 2009 में थाना *ईसानगर* जनपद खीरी पर *अभि0 धारे उर्फ रामधार पुत्र सीताराम नि0 त्रिकोलिया थाना ईसानगर जिला खीरी* के कब्जे से अवैध 03 किलो गांजा बरामद होने पर मु0अ0सं0 1373/2009 धारा 8/18 NDPS एक्ट थाना ईसानगर जनपद खीरी पर पंजीकृत हुआ था। उक्त अभियोग में अभियुक्त के जुर्म इकबाल के उपरान्त आज दिनांक 04.05.2026 को मा0 न्याया0 ASJ-04 खीरी द्वारा अभि0 *धारे उर्फ रामधार* उपरोक्त को दोषसिद्ध करते हुये *जेल मे बितायी गयी अवधि के कारावास व 3,000/- रू* के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी। उपरोक्त मुकदमे के निर्णित कराने मे विशेष योगदान लोक अभियोजक *श्री संदीप मिश्रा* व कोर्ट पैरोकार *हे0का0 राकेश कुमार* का रहा।
2.वर्ष 2012 में थाना *ईसानगर* जनपद खीरी पर *अभि0 धारे उर्फ रामधार पुत्र सीताराम नि0 त्रिकोलिया थाना ईसानगर जिला खीरी* के कब्जे से अवैध 05 किलो गांजा बरामद होने पर मु0अ0सं0 446/12 धारा 8/20 NDPS एक्ट थाना ईसानगर जनपद खीरी पर पंजीकृत हुआ था। उक्त अभियोग में अभियुक्त के जुर्म इकबाल के उपरान्त आज दिनांक 04.05.2026 को मा0 न्याया0 ASJ-04 खीरी द्वारा अभि0 *धारे उर्फ रामधार* उपरोक्त को दोषसिद्ध करते हुये *जेल मे बितायी गयी अवधि के कारावास व 3,000/- रू* के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी। उपरोक्त मुकदमे के निर्णित कराने मे विशेष योगदान लोक अभियोजक *श्री संदीप मिश्रा* व कोर्ट पैरोकार *हे0का0 राकेश कुमार* का रहा।
3.वर्ष 2022 में थाना *पसगवां* जनपद खीरी पर *अभि0 राजू पुत्र राजकुमार नि0 मानखेड़ा थाना पसगवां जिला खीरी* के कब्जे से अवैध 01 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद होने पर मु0अ0सं0 408/22 धारा 8/20 NDPS एक्ट थाना पसगवां जनपद खीरी पर पंजीकृत हुआ था। उक्त अभियोग में अभियुक्त के जुर्म इकबाल के उपरान्त आज दिनांक 04.05.2026 को मा0 न्याया0 ASJ-04 खीरी द्वारा अभि0 *राजू* उपरोक्त को दोषसिद्ध करते हुये *जेल मे बितायी गयी अवधि के कारावास व 3,000/- रू* के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी। उपरोक्त मुकदमे के निर्णित कराने मे विशेष योगदान लोक अभियोजक *श्री संदीप मिश्रा* व कोर्ट पैरोकार *का0 संदीप पाण्डेय* का रहा।


