गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी नियुक्ति के आदेश के 24 घंटे के भीतर महान फैसला दिया है और अपनी योग्यता साबित की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्रियों को सार्वजनिक किए जाने की मांग को उनकी दो सदस्यीय बेंच ने RTI कानून का दुरुपयोग बताया है और कहा है कि डिग्रियों की मांग में कोई जनहित नहीं छिपा है यह व्यक्तिगत जानकारी है।
जो फैसले का सबसे अहम बिंदु है वो यह है कि डिग्री की मांग को लेकर उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर लगाए 25 हजार के जुर्माने को जायज बताया है।
यह देश ऐसे हीं चल रहा है। यह देश ऐसा ही है।
जय सूर्यकांत, जय जस्टिस अग्रवाल, जय न्याय की देवी खुली आंखों वाली।
साभार आवेश तिवारी
Nandan Pushp जी की वाल से


