गोली कांड के आरोपियों को बचाने का टेंडर इलाके की पुलिस ने लिया!
एक दारोगा से समूची बातचीत हो चुकी है, यह दारोगा जेब का बजन बढ़ाने में माहिर बताया जाता है
जलाल नगर बजरिया, पुलिस चौकी अशफाकनगर के आस पास माफियाओं के गुर्गों का लगता है जमघट
चाय की दुकान पर चाय पीने के दौरान कोई खिचड़ी पकाई जाती हुई बताई जा रही है
बीते दिवस जलाल नगर में पानी टंकी के पास एक रेस्टोरेंट के पास हुआ था गोलीकांड
शाहजहांपुर महानगर में चाय की हजारों दुकानें है। चाय की दुकानों पर दो चार लोग एकत्र अवश्य होते है। आपस में मिल बैठकर चर्चाओं के दौर के साथ राजनैतिक चर्चाएं भी होते सुनी होगी। अफसोस हाल ही पुलिस चौकी अशफाकनगर के ठीक सामने जलाल नगर बजरिया मार्ग पर खुली चाय की दुकानों पर कुछ दिनों तक युवाओं का जमघट लगता देखा जा रहा था। युवाओं के हुजूम के स्थान पर कुछ दिनों से माफियाओं तस्करों के गुर्गों को युवाओं के पास मंडराते देखा जाने के बाद अब तो चाय नाश्ता भी करते देख जा रहा है। यह जमघट आने वाले दिनों के लिए पुलिस का सिर दर्द बढ़ा अवश्य सकती है। बताते है चौकी पूरी तरह से इस ओर से आंख फेरे हुए है। बीते दिनों पानी टंकी के पास हुए गोली बारी की घटना भी गैंगवार का हिस्सा बताई जा रही है। खास बात यह चौकी का दरोगा और कुछ सिपाही माफियाओं के इशारों पर कत्थक का डांस करने के साथ उन्हें पैसे भी मुहैया कराए गए थे।
इसी प्रकार कुछ दिनों पूर्व रोडवेज वर्कशॉप के ठीक सामने खोली गई मनोहर चाय शॉप पर भी शहर भर के युवकों का जमावड़ा लगता है। आखिर इस चाय और समूह के रूप में सड़क किनारे मजमा लगवाना यह महज देखने में चाय की दुकान होगी लेकिन चाय की दुकान पर लगने वाली यह भीड़ बेमतलब बताई नहीं जा रही है। वक्त रहते चाय की दुकान पर लगने वाली भीड़ को कम न किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब कोई बड़ी मुसीबत मुंह बाए समूचे सिस्टम के सामने खड़ी हो सकती है।
तीसरी चाय की दुकान एक खास नाम से पंचपीर तिराहा के पास खोली गई है। इस चाय की दुकान का उस स्थान पर खोला जाना अपने अपने अजूबा सा प्रतीत होता है। एकांतवास में खोली गई इस दुकान पर ग्राहक नजर ही नहीं आते है लेकिन देर रात होते ही युवाओं का जमघट लगता हुआ बताया जाता है। फिलहाल यह चाय की दुकानें और उन पर जुटने वाली भीड़ किसी आने वाली आहट की ओर इशारा अवश्य कर रही है।

