. https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6143532855452692 जनहित की लड़ाई में अकेला योद्धा: दमित गहलोत का अनशन, पुलिस ने जबरन उठाया:

जनहित की लड़ाई में अकेला योद्धा: दमित गहलोत का अनशन, पुलिस ने जबरन उठाया:

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 जनहित की लड़ाई में अकेला योद्धा: दमित गहलोत का अनशन, पुलिस ने जबरन उठाया:



नई दिल्ली:

 देश को मिलावटमुक्त खाना दिलाने और फूड माफियाओं की जड़ों पर चोट करने के लिए अपने चैनल #Foodreality07 के ज़रिए लगातार आवाज़ उठा रहे दमित गहलोत की लड़ाई अब सोशल मीडिया की दीवारों से निकलकर सड़क के संग्राम तक पहुँच चुकी है।

राजस्थान के बीकानेर से करीब 750 किलोमीटर की थका देने वाली 21 दिनों की पैदल यात्रा पूरी कर दिल्ली पहुँचे दमित गहलोत पिछले 3 दिनों से आमरण अनशन पर थे। जंतर-मंतर से प्रशासन द्वारा हटाए जाने के बाद वे दिल्ली के गोल डाकखाने के सामने अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए थे। लगातार कठिन पैदल सफर और अनशन के कारण उनका स्वास्थ्य तेज़ी से गिर रहा है और अब तक उनका वज़न लगभग 11 किलो घट चुका है।


क्या हैं उनकी माँगें?


दमित गहलोत की यह मुहिम किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य को बचाने के लिए है। उनकी मुख्य माँगें हैं:

 * खाद्य पदार्थों में हो रही धड़ल्ले से मिलावट पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

 * मिलावटखोरों और ज़हर परोसने वाले फूड माफियाओं के खिलाफ सरकार कड़े से कड़े कानून बनाए।

जनता का स्वास्थ्य: हर भेदभाव से परे का मुद्दा

मिलावट का यह ज़हर अमीर-गरीब, हिंदू-मुसलमान या किसी खास जाति-धर्म को देखकर असर नहीं करता। बाज़ार के डिब्बाबंद और प्रोसेस्ड खाने का इस्तेमाल हर कोई करता है—चाहे वो नेता हो, अफ़सर हो या एक आम नागरिक। इसके बावजूद बेहद निराशाजनक बात यह है कि इस संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर दमित गहलोत अपने परिवार और गिने-चुने 8-10 समर्थकों के साथ अकेले खड़े हैं। ना कोई बड़ा मीडिया हाउस इसे कवर कर रहा है, ना ही बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स या सामाजिक कार्यकर्ता उनके समर्थन में आगे आ रहे हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई से उपजा आक्रोश

खबरों के मुताबिक, अनशन के तीसरे दिन पुलिस दमित गहलोत को गोल डाकखाने से जबरन उठाकर ले गई है। जनहित और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य से जुड़े इतने अहम मुद्दे पर इस तरह की कार्रवाई को लेकर अब लोगों में गुस्सा और सवाल खड़े हो रहे हैं।

आवाज़ उठाने की अपील:

अगर हम अपनी और अपनी आने वाली पीढ़ियों की सेहत का सुधार चाहते हैं, तो हमें इस लड़ाई का हिस्सा बनना होगा। सभी देशवासियों से अपील है कि वे सोशल मीडिया पर #DamitGahlot और #Foodreality07 के ज़रिए अपनी आवाज़ बुलंद करें और इस मुहिम को अपना समर्थन दें।

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