बिहार में अकूत संपत्ति का पर्दाफाश: ADM और सब-रजिस्ट्रार दंपति के ठिकानों पर विजिलेंस का धाबा, नोटों के ढेर के साथ मिलीं 40 विदेशी घड़ियां:
पटना:
भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में विजिलेंस विभाग (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में शिकंजा कसते हुए विजिलेंस की टीमों ने पटना और बेगूसराय में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। निशाने पर कोई और नहीं, बल्कि पटना के एडीएम (सप्लाई) रवींद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी, दानापुर की सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी हैं।
छापेमारी में मिली कुबेर का खजाना जैसी संपत्ति:
अधिकारियों द्वारा ठिकानों की तलाशी लेने के दौरान जो बरामदगी हुई, उसने जांच टीम के भी होश उड़ा दिए:
* 70 लाख रुपये से अधिक का कैश: अलमारियों और लॉकरों से भारी मात्रा में नगदी बरामद की गई।
* 80 लाख रुपये मूल्य के आभूषण: सोने-चांदी के बेशकीमती जेवरातों का बड़ा जखीरा जब्त किया गया।
* 40 लग्जरी विदेशी घड़ियां: एडीएम साहब के पास से दुर्लभ और महंगी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की घड़ियों का एक शानदार कलेक्शन मिला।
9 सालों में खड़ा किया अकूत साम्राज्य:
निगरानी विभाग की प्राथमिक जांच के अनुसार, इस अधिकारी दंपति ने बीते 9 वर्षों के सेवा काल में अपने वैध सरकारी आय स्रोतों से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है। आर. के. दिवाकर इससे पहले समस्तीपुर में सदर एसडीएम के पद पर भी तैनात रह चुके हैं और उनका प्रशासनिक प्रभाव काफी व्यापक रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी ने बिहार के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सरकारी पदों की आड़ में जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले इस अफसरशाही नेटवर्क के खिलाफ अब और कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
