बाल साहित्यकार डॉ. देशबन्धु शाहजहांपुरी को लखनऊ में मिला राष्ट्रीय सम्मान
‘स्नेह के रंग’ कहानी के लिए राष्ट्रधर्म अखिल भारतीय हिंदी कहानी प्रतियोगिता में हुए पुरस्कृत, साहित्यकारों ने दी बधाई
शाहजहांपुर। नगर के बाल साहित्यकार डॉ. देशबन्धु शाहजहांपुरी ने अपनी साहित्यिक प्रतिभा से शाहजहांपुर का नाम रोशन किया है। राष्ट्रधर्म मासिक पत्रिका द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हिंदी कहानी प्रतियोगिता में उनकी कहानी ‘स्नेह के रंग’ को पुरस्कृत किया गया। लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, पद्मश्री उमाशंकर पांडेय एवं पद्मश्री डॉ. पोपटराव पवार ने राष्ट्रधर्म के संपादक अशोक बाजपेयी की उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया।
सम्मान स्वरूप उन्हें नगद पुरस्कार राशि, शॉल, प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं आकर्षक बैग प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रधर्म के विशेषांक ‘जल है तो कल है’ का विमोचन भी हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल संकट से निपटने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी और जनजागरूकता भी जरूरी है।
गौरतलब है कि डॉ. देशबन्धु शाहजहांपुरी को इससे पूर्व उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के अमृतलाल नागर बाल कथा सम्मान सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी बाल साहित्य की 12 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनकी रचनाएं विभिन्न साहित्यिक संकलनों और पाठ्य पुस्तकों में शामिल हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर दयानंद योग केंद्र परिवार के साधकों सहित नगर के अनेक साहित्यकारों और गणमान्य लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि से शाहजहांपुर का साहित्यिक गौरव बढ़ा है।