#आंगनबाड़ी केंद्रों पर तलाशे जाएंगे दिव्यांग बच्चे, बल्दीराय में 50 कार्यकत्रियों को दी जा रही ट्रेनिंग
3 से 6 साल के बच्चों की होगी पहचान,कम उम्र में ही मिलेगा उपचार व शिक्षा का लाभ
#सुल्तानपुर-दिव्यांग बच्चों की पहचान में अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अहम होगी। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को चिह्नित कर उन्हें उपचारात्मक सहायता और शिक्षा से जोड़ने के लिए बल्दीराय ब्लॉक संसाधन केंद्र पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसमें को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों की 50 कार्यकत्रियां प्रतिभाग कर रही हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी वेद प्रकाश यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पहले छह से 14 वर्ष तक के बच्चों का डाटा एकत्र किया जाता था। अब तीन से छह वर्ष तक के बच्चों का डाटा भी जुटाया जाएगा, ताकि कम उम्र में ही दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उनके लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
प्रशिक्षण संदर्भदाता जूही सिंह ने बताया कि दिव्यांगता की शुरुआती पहचान होने पर बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने में आसानी होती है। बीआरसी संदीप पांडेय ने कार्यकत्रियों से अपने कार्यक्षेत्र में दिव्यांग बच्चों को चिह्नित करने और उन्हें उपचारात्मक व शैक्षिक सहयोग दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
प्रशिक्षण में दिव्यांगताओं और उनकी पहचान के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान उर्मिला देवी, सुमन देवी,सलोनी तिवारी,रेखा तिवारी और प्रतिमा पांडेय समेत अन्य आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
