पीलीभीत वोटर लिस्ट फर्जीवाड़े पर चुनाव आयोग का हंटर: दो ERO तत्काल निलंबित, दर्ज FIR में BNS की धारा 198 जोड़ने का आदेश; पूरे यूपी में हड़कंप

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 पीलीभीत वोटर लिस्ट फर्जीवाड़े पर चुनाव आयोग का हंटर: दो ERO तत्काल निलंबित, दर्ज FIR में BNS की धारा 198 जोड़ने का आदेश; पूरे यूपी में हड़कंप



लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की 127-पीलीभीत विधानसभा सीट पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के मामले को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बेहद गंभीरता से लिया है। 


31 अक्टूबर 2026 को निर्वाचन आयोग की अवर सचिव दीपमाला द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को जारी आधिकारिक निर्देश पत्र में दोषी अधिकारियों पर तत्काल प्रभाव से निलंबन सहित सख्त कानूनी कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए गए हैं।   


मुख्य निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट पर आयोग की सख्त समीक्षा


भारत निर्वाचन आयोग ने यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की उस जांच रिपोर्ट के आधार पर की है, जो 24 अक्टूबर 2026 (पत्र संख्या: 1505/CEO-4-30/4-2021) को आयोग को भेजी गई थी। आयोग ने पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हुई अनियमितताओं की रिपोर्ट का गहन परीक्षण करने के बाद पांच प्रमुख कड़े निर्देश जारी किए हैं:   


1. दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) तत्काल प्रभाव से निलंबित


आयोग ने 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों—श्री मयंक गोस्वामी और श्री हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, इनके खिलाफ तैयार की जाने वाली चार्जशीट को अग्रिम जांच और अनुमोदन के लिए आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। 


आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग की पूर्व अनुमति के बिना इन दोषी अधिकारियों की बहाली किसी भी सूरत में नहीं की जाएगी। यह पूरी कार्रवाई आयोग के पूर्व दिशा-निर्देश संख्या 4/2023/SDR/Vol.I (दिनांक 31.05.2023) के तहत सख्ती से लागू होगी।   


2. दर्ज मुकदमे में जुड़ेगी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 198


इन दोनों अधिकारियों और वीआरसी (VRC) कंप्यूटर ऑपरेटर श्री अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) में अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 198 को भी जोड़ने का आदेश दिया गया है। आयोग ने अदालत में इस मामले की प्रभावी और ठोस पैरवी करने के निर्देश दिए हैं ताकि इसे तार्किक निष्कर्ष और दोषियों को सजा तक पहुंचाया जा सके।   


3. पीलीभीत की सभी चारों विधानसभाओं की जांच रिपोर्ट एक हफ्ते में तलब


जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), पीलीभीत द्वारा जिले की सभी चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच से संबंधित रिपोर्ट को विशिष्ट टिप्पणियों (Specific Comments) के साथ पत्र जारी होने के एक सप्ताह के भीतर आयोग को अनिवार्य रूप से भेजने का निर्देश दिया गया है।   


4. 5 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की भूमिका की जांच


वीआरसी कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट और 127-पीलीभीत विधानसभा के 5 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की भूमिका से संबंधित विस्तृत 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) 3 दिन के भीतर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।   


5. पूरे उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के आदेश


इस बड़े फर्जीवाड़े को देखते हुए आयोग ने उत्तर प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में मतदाता सूचियों की सघन व गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से फॉर्म 6 (नाम जोड़ने), फॉर्म 7 (नाम हटाने) और फॉर्म 8 (संशोधन) के माध्यम से की गई डाटा फीडिंग का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है। 


इस आदेश की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को भी आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है। चुनाव आयोग की इस सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों और चुनावी तंत्र में भारी खलबली मच गई है।   


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