*पावर कॉर्पोरेशन का खुला अल्टीमेटम*
*“चार्ज लो… नहीं तो नाम भेज दो, *आज ही कार्रवाई शुरू होगी”*
वाराणसी --- पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PuVVNL) ने अपने तकनीशियन कर्मचारियों पर दबाव की भाषा अब बिल्कुल साफ और सख्त कर दी है।
25 अगस्त 2026 को जारी एक आधिकारिक पत्र (पत्रांक 1623/पूविविनिलि(प्रशा)/मुख्या/ई-3/विविध) में प्रबंधन ने कोई घुमावदार भाषा नहीं अपनाई। सीधा निर्देश लिखा गया है:
*“जिन तकनीशियन कर्मचारियों द्वारा अद्यतन तिथि तक अवर अभियन्ता (प्रभारी) का कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है*, *उन्हें अविलम्ब कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए उनकी नामावली आज ही इस कार्यालय को प्रेषित कराने का कष्ट करें।”*
साफ मतलब—
*या तो तुरंत चार्ज लो, या तुम्हारे नाम आज ही भेज दिए जाएंगे और कार्रवाई शुरू हो जाएगी।*
क्या है पूरा मामला?
फरवरी 2026 में निगम ने *अपने क्षेत्राधीन 66 तकनीशियन कर्मचारियों की सूची जारी कर उन्हें अवर अभियन्ता (प्रभारी) के पद पर तैनात करने के आदेश दिए थे। लेकिन कई महीनों बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने यह चार्ज नहीं लिया।*
अब प्रशासन का धैर्य खत्म हो गया है। अधीक्षण अभियन्ता (प्रशासन)/उप प्रबंध निदेशक शुभम खड़ायत के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में साफ कहा गया है कि जो कर्मचारी अब तक चार्ज नहीं लिए हैं, उनकी लिस्ट आज ही मुख्यालय भेजी जाए।
*पत्र के नीचे हाथ से लिखे नोट्स में भी “तत्काल अनुपालन” और “आज ही नाम भेजने” की बात दोहराई गई है। यानी कोई राहत या अतिरिक्त समय नहीं दिया जा रहा।*
*संघर्ष समिति वाले माहौल में यह पत्र क्यों खतरनाक लग रहा है?*
ठीक इसी समय उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को पुलिस थानों में बुलाया जा रहा है। 2022 में ऊर्जा मंत्री की मध्यस्थता में हुए समझौते का अनुपालन न होने के आरोप लग रहे हैं। मुकदमों को वापस लेने की सहमति भी अधर में लटकी बताई जा रही है।
ऐसे संवेदनशील माहौल में तकनीशियनों पर यह सख्त अल्टीमेटम आने से कर्मचारियों के बीच नाराजगी और बढ़ गई है। कई कर्मचारी इसे सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आंदोलन को कमजोर करने की रणनीति मान रहे हैं।
उनका सवाल है—
**एक तरफ 2022 का समझौता पूरा नहीं हो रहा, दूसरी तरफ नए-नए दबाव बनाए जा रहे हैं। क्या यह संयोग है या सोची-समझी नीति?*
*प्रबंधन की भाषा अब बिल्कुल सीधी और सख्त है।*
*चार्ज लो…वरना नाम भेज दो। कार्रवाई आज से शुरू*। खैर
युद्ध अभी शेष है
*अविजित आनन्द संपादक**(विस्पर आफ अन्टोल्ड और समय का उपभोक्ता राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र) और *चन्द्र शेखर सिंह प्रबंध संपादक समय का उपभोक्ता राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र*

