छपरा सदर अस्पताल में बदली ओपीडी की व्यवस्था, 40-45 मिनट से घटकर करीब 25 मिनट हुआ वेटिंग टाइम
सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों के लिए लागू की गई नई व्यवस्था से रजिस्ट्रेशन के बाद डॉक्टर तक पहुंचने में लगने वाले समय में सुधार हुआ है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार फिलहाल भव्या ऐप से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज करीब 25 मिनट में संबंधित चिकित्सक के कक्ष तक पहुंच रहे हैं.
तीन माह पहले तक यही प्रक्रिया पूरी होने में करीब 40 से 45 मिनट लगते थे.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने और भव्या ऐप से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के बाद मरीजों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिली है. मरीजों को रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित विभाग और चिकित्सक तक पहुंचने की जानकारी पर्ची पर ही मिल जाती है.
क्यू मैनेजमेंट सिस्टम से लंबी कतार से राहत
सदर अस्पताल में करीब तीन माह पहले क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया. इसके तहत भव्या ऐप के माध्यम से मरीजों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. रजिस्ट्रेशन के बाद मिलने वाली कंप्यूटराइज्ड पर्ची पर संबंधित विभाग, चिकित्सक का नाम, कक्ष संख्या, रजिस्ट्रेशन का समय और अनुमानित प्रतीक्षा समय दर्ज रहता है.
इस व्यवस्था से मरीजों को संबंधित विभाग तक पहुंचने में आसानी हो रही है. पहले मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ता था. अब रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें निर्धारित विभाग और कक्ष की जानकारी मिल जाती है.
सुबह 8:30 बजे से शुरू हो जाता है रजिस्ट्रेशन
सदर अस्पताल के प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 8:30 बजे से खोल दिया जाता है. मरीजों के रजिस्ट्रेशन से लेकर ओपीडी में इलाज और जांच की प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है.
उन्होंने बताया कि मरीजों को इलाज के लिए ज्यादा समय तक इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन लगातार व्यवस्था में सुधार का प्रयास कर रहा है.
डेढ़ घंटे में 100 से अधिक मरीजों की जांच
मौसम में बदलाव के बीच सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ी है. सुबह और शाम मौसम सामान्य रहने के बावजूद दिन में तेज धूप के कारण पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है. मेडिसिन और चाइल्ड वार्ड में अपेक्षाकृत अधिक भीड़ देखी जा रही है.
बुधवार को दोपहर 12 बजे तक 300 से अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो चुका था. इनमें बड़ी संख्या मेडिसिन और चाइल्ड वार्ड में इलाज कराने वाले मरीजों की थी. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार रजिस्ट्रेशन के बाद करीब डेढ़ घंटे के भीतर 100 से अधिक मरीजों को चिकित्सकों ने देखा.
मरीजों को मिल रही विभाग और डॉक्टर की जानकारी
क्यू मैनेजमेंट सिस्टम के कारण मरीजों को रजिस्ट्रेशन के बाद यह जानकारी मिल जा रही है कि उन्हें किस विभाग में जाना है, संबंधित डॉक्टर का कक्ष कौन सा है और अनुमानित प्रतीक्षा समय कितना है. इससे मरीजों के इधर-उधर भटकने और बार-बार पूछताछ करने की जरूरत कम हुई है.
