कल गुजरात हाई कोर्ट की एक आदेश पता नही क्यों राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां नहीं बनी
6 साल पहले अरविंद केजरीवाल ने गुजरात यूनिवर्सिटी से आरटीआई करके मोदी की डिग्री मांगी थी
गुजरात यूनिवर्सिटी ने अरविंद केजरीवाल को मोदी की डिग्री भी दे दिया और अपने वेबसाइट पर मोदी की डिग्री भी लगा दी थी
उसके बाद अरविंद केजरीवाल गुजरात हाई कोर्ट में अपील किये और कहे की गुजरात यूनिवर्सिटी ने जो अपनी वेबसाइट पर मोदी की डिग्री लगाया है मुझे उस पर शक है उसकी जांच हो
गुजरात यूनिवर्सिटी ने सारे दस्तावेज हाईकोर्ट में जमा कर दिए और हाईकोर्ट ने आदेश दिया की डिग्री में कोई शक नहीं है डिग्री सही है
उसके बाद अरविंद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट में गए
सुप्रीम कोर्ट ने भी लम्बी सुनवाई हुई फिर सुम्प्रिम कोर्ट ने भी गुजरात हाई कोर्ट के फैसले पर अपनी मोहर लगाई और कहा कि जब डिग्री यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर है और सारे दस्तावेज कोर्ट के सामने है तब कोई शक कैसे हो सकता है
उसके बाद फिर से अरविंद केजरीवाल गुजरात हाई कोर्ट में गए और उसके बाद गुजरात हाई कोर्ट ने कोर्ट का वक्त खराब करने पर अरविंद केजरीवाल पर ₹25000 का जुर्माना लगा दिया
क्योंकि जिस मामले में हाई कोर्ट दो बार आदेश दे चुका है सुप्रीम कोर्ट आदेश दे चुका है उसे मामले पर बार-बार अर्जी लगाना यानी कोर्ट का वक्त बर्बाद करना है
फिर अरविंद केजरीवाल सिंगल जज के द्वारा अपने ऊपर लगाए गए जुर्माने को रद्द करने के लिए डबल बेंच में अर्जी किया और कल डबल बेंच ने भी अरविंद केजरीवाल पर ₹25000 का जुर्माना लगाए जाने को उचित बताया और कहा कि जब इस मामले में सब कुछ साफ हो गया है तब बार-बार अर्जी लगाकर कोर्ट का वक्त बर्बाद करना गलत है और अरविंद केजरीवाल को ₹25000 गुजरात हाई कोर्ट में जुर्माना जमा करना ही होगा
जितेंद्र सिंह

