**शराब तस्करों ने ली वर्दीधारी की जान, साथी को कंधा देते फूट पड़े एसपी**india 100newd
-- देवास में अवैध शराब से भरे ट्रक ने खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को कुचला, कर्तव्य निभाते हुए गंवाई जान
-- साथी का पार्थिव शरीर कंधे पर उठाते समय एसपी आदित्य मिश्रा के छलके आंसू, तस्वीरों ने झकझोरा
-- घटना के बाद शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज, मुख्य आरोपित समेत कई गिरफ्तार
**देवास।** मध्य प्रदेश के देवास में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे पुलिस अधिकारी को ही तस्करों ने ट्रक से कुचल दिया। खातेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी की मौत ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद सामने आईं कुछ तस्वीरें व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। अपने साथी अधिकारी के पार्थिव शरीर को कंधा देते समय देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा अपने आंसू नहीं रोक सके। वर्दी में खड़े एसपी की आंखों से छलकते आंसू पुलिसकर्मियों के दर्द और बेबसी को बयां कर रहे हैं। घटना रविवार देर रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर हुई। पुलिस को अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद निरीक्षक दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ ट्रक को रोकने पहुंचे। आरोप है कि तलाशी के दौरान चालक ने ट्रक आगे बढ़ा दिया और दिलीप पुरी उसके पिछले पहिये के नीचे आ गए। गंभीर रूप से घायल निरीक्षक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। ट्रक से करीब 1800 लीटर अवैध शराब बरामद होने की बात सामने आई है।
**सात लोगों तक पहुंची जांच की आंच**
मामले में पुलिस ने ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्खू रावत समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क के तार सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में गुजरात तक शराब पहुंचाने की व्यवस्था थी। मामले में सात लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई है।
**सरकार और व्यवस्था पर उठे सवाल**
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही माफिया और तस्करों के हमले से सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? पुलिस अधिकारी की मौत को महज हादसा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अवैध शराब के कारोबार को संरक्षण देने वाले किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। दिवंगत निरीक्षक की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।
