जेल के पास नो-एंट्री का नियम केवल ई-रिक्शा पर लागू? चार पहिया वाहनों की आवाजाही से राहगीर परेशान
बहादुरगंज गल्ला मंडी में अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था से लोगों को हो रही परेशानी, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
शाहजहांपुर।शहर के बहादुरगंज गल्ला मंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेल के पास नो-एंट्री का बोर्ड लगाकर तैनात संतरी ई-रिक्शा को गल्ला मंडी की ओर जाने से रोक देते हैं,
जबकि चार पहिया वाहन कथित तौर पर सुविधा शुल्क लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं और घंटों खड़े रहते हैं। इससे यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ई-रिक्शा चालकों को नो-एंट्री का हवाला देकर रोक दिया जाता है, लेकिन चार पहिया वाहनों की आवाजाही और लंबे समय तक खड़े रहने से सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। इस कथित दोहरे व्यवहार के कारण राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्कूली बच्चों को भी उठानी पड़ती है परेशानी
गल्ला मंडी क्षेत्र में वाहनों की अधिकता और अतिक्रमण के चलते कई बार ई-रिक्शा जाम में फंस जाते हैं। इससे आम यात्रियों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी होती है। व्यस्त मार्ग पर यातायात बाधित होने से लोगों का समय बर्बाद होता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन गल्ला मंडी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने और नो-एंट्री व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। लोगों का आरोप है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहनों को रोकने के नियमों का समान रूप से पालन नहीं कराया जा रहा है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि बहादुरगंज गल्ला मंडी में अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाए। नो-एंट्री के नियमों का सभी वाहनों पर समान रूप से पालन कराया जाए तथा प्रतिबंधित क्षेत्र में अनावश्यक रूप से खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई हो सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और राहगीरों को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाता है।
.jpg)
