सील अस्पताल खोलने के लिए डॉक्टर ने मांगे 3 लाख: मालिक बनकर CMO ऑफिस पहुंचा रिपोर्टर; यूपी में खुफिया कैमरे में डील
गलत इलाज से मरीज की मौत हो जाती है... अस्पताल में रेप और मर्डर भी हो जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर इनको सील कर देते हैं। लेकिन, कुछ दिनों बाद पैसे लेकर ये 'दागदार' अस्पताल नए नाम से फिर शुरू हो जाते हैं। ऐसा करके स्वास्थ्य विभाग के अफसर मरीजों की जिंदगी का सौदा कर रहे हैं।
India100news की टीम ने इस खेल को एक्सपोज करने के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और उन्नाव में इनवेस्टिगेशन किया। हमारे रिपोर्टर अस्पताल मालिक बनकर अफसरों तक पहुंचे। जिम्मेदार अफसर और क्लर्क ने रिश्वत लेकर बंद अस्पतालों को दोबारा खोलने की डील की। उन्होंने सील अस्पतालों को क्लीनचिट देने का रास्ता भी बताया...
India100news टीम को उन्नाव के उत्तम हॉस्पिटल का इनपुट मिला। हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम पर 22 साल की छात्रा के अपहरण, गर्भपात और हत्या का आरोप था। जुलाई, 2026 में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने उनके हॉस्पिटल को सील कर दिया था।
सील हॉस्पिटल को नाम बदलकर दोबारा चलाने की डील के लिए भास्कर का अंडरकवर रिपोर्टर अस्पताल के डॉक्यूमेंट लेकर एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर (ACMO) डॉ. नरेंद्र से मिला। हॉस्पिटल संचालक बनकर पहुंचे रिपोर्टर ने क्लर्क से लेकर ACMO तक ने डील की।
रिपोर्टर: एक हॉस्पिटल सील है, उसको चलाना चाहते हैं।
डॉ. नरेंद्र: क्या नाम है हॉस्पिटल का?
रिपोर्टरः उत्तम हॉस्पिटल... लीज के लिए बात हो गई है?
डॉ. नरेंद्र: किस नाम से चलाएंगे?
रिपोर्टरः नाम बदलकर चलाएंगे, आप जैसा बताएं।
डॉ. नरेंद्र: ठीक है, कागज पर लिखो कि क्या दोगे?
रिपोर्टर: कितना लिखें इस पर?
रिपोर्टर: (कागज पर ढाई लाख रुपए लिखते हुए) सर... इतना ही यहां बताया गया था।
डॉ. नरेंद्रः नाम क्या रखोगे?
रिपोर्टरः कुछ नाम सोचे हैं... ढाई लाख में हो जाएगा न...?
डॉ. नरेंद्र: देखते हैं... CMO से बात करते हैं।
रिपोर्टर: सर, ढाई लाख से ज्यादा तो नहीं करना होगा?
डॉ. नरेंद्र: मैं बात कर लूंगा। थोड़ा बढ़ाना होगा।
रिपोर्टरः कितना बढ़ाना पड़ेगा?
डॉ. नरेंद्र: कम से कम एक तो करना ही पड़ेगा।
रिपोर्टर: यानी साढ़े तीन लाख रुपए में हो जाएगा?
डॉ. नरेंद्र: जी, नाम लिखकर दीजिए।
रिपोर्टर: शगुन या RPM सोचा है।
डॉ. नरेंद्र: CMO साहब बॉम्बे गए हैं। फोन पर ये सब बात नहीं होगी। आएंगे, तो काम हो जाएगा। वैसे आप हॉस्पिटल संचालक के क्या लगते हैं?
रिपोर्टर: मैं उनका कुछ नहीं लगता। किराए पर सामान समेत पूरा हॉस्पिटल ले रहा हूं। सर, देखिएगा कि सब ठीक से हो जाए। दोबारा हॉस्पिटल सील न हो।
डॉ. नरेंद्र: जितना बता रहे हैं, बस उतना कीजिए। आप मैनेज कीजिएगा, तो सब सही होगा।
उन्नाव के ACMO डॉ. नरेंद्र ने बातचीत में कहा कि लोकल लोगों को मैनेज करना होगा, जिससे कोई इस मामले में दखल न दे। पुराने रजिस्ट्रेशन पर अस्पताल चलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नया रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। उन्होंने शिकायत करने वालों को पैसे देकर शांत कराने का तरीका भी बताया।
IPS हॉस्पिटल लखनऊ
सील हुआ
जुलाई, 2026
डॉक्यूमेंट तैयार करो, रेट फाइनल हो जाएगा।
अखंड प्रताप सिंह, ACMO
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इन्वेस्टिगेशन के दौरान हमें लखनऊ के चिनहट स्थित IPS हॉस्पिटल का इनपुट मिला। मई, 2026 में 22 साल की महिला की गलत इलाज से मौत के बाद CMO ने हॉस्पिटल सील कर दिया था।
सील हॉस्पिटल के डॉक्यूमेंट लेकर India100news रिपोर्टर लखनऊ स्थित CMO कार्यालय पहुंचे। वहां प्राइवेट अस्पतालों का जिम्मा संभाल रहे ACMO डॉ. अखंड प्रताप सिंह मिले। उन्होंने बिल्डिंग का नाम बदलकर हॉस्पिटल दोबारा खोलने की डील की।
रिपोर्टर: एक हॉस्पिटल सील है, उसी को खोलना है।
डॉ. एपी सिंहः नया?
रिपोर्टर: हां, उसी में कुछ नया जोड़कर चलाएंगे।
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