हाईकोर्ट से प्रांचल बाबू सक्सेना को झटका: सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय प्रकरण में याचिका वापस, अब गिरफ्तारी तय
प्रयागराज(परशुरामपुरी)
बहुचर्चित सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय प्रकरण में मुख्य आरोपी प्रांचल बाबू सक्सेना को इलाहाबाद हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान पुलिस विवेचना और वादी के मजबूत तर्कों के सामने याचिकाकर्ता का पक्ष टिक नहीं सका।
मामले की सुनवाई के दौरान सुंदरम क्षत्रिय के अधिवक्ता एडवोकेट विक्की रस्तोगी ने पुलिस विवेचना के तथ्यों और ठोस साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा। वादी पक्ष की मजबूत दलीलों और अदालत के कड़े रुख को देखते हुए प्रांचल बाबू सक्सेना के वकील मनोज कुमार मिश्रा और तबस्सुम बानो ने केस हारने की आशंका के चलते याचिका वापस (Withdraw) ले ली। याचिका वापस लिए जाने के बाद अब आरोपी प्रांचल बाबू सक्सेना पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है और पुलिस जल्द ही उसे हिरासत में ले सकती है।
पर्दे के पीछे के किरदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी
मुख्य आरोपी की याचिका वापस होने के बाद अब पुलिस इस मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच करेगी। माना जा रहा है कि विवेचना आगे बढ़ने से इस पूरे प्रकरण के पीछे शामिल अन्य चेहरे भी जल्द बेनकाब होंगे।
अन्य आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई की तिथियां तय
इस बीच प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की कानूनी अर्जियों पर भी अदालत में सुनवाई होनी है:
#30 सितंबर: सिपाही तुषार वर्मा द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई।
#5 अक्टूबर (सोमवार): सिपाही अरुण चित्तौड़िया की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई।
अधिवक्ता का दावा: सभी याचिकाएं होंगी खारिज
मामले में वादी पक्ष के अधिवक्ता एड. विक्की रस्तोगी का कहना है कि उन्होंने मुख्य आरोपी की याचिका को प्रभावी पैरवी से वापस होने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 30 सितंबर और 5 अक्टूबर को होने वाली सुनवाइयों में भी वे तुषार वर्मा और अरुण चित्तौड़िया की याचिकाओं को खारिज करवाने में सफलता हासिल करेंगे, ताकि पीड़ित को पूरी तरह से न्याय मिल सके।
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