एक अनार, दो बीमार' साहब संभाल रहे दो-दो कुर्सी, ब्लॉक में कागजी विकास और जिले में खाद की कालाबाजारी

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 एक अनार, दो बीमार' साहब संभाल रहे दो-दो कुर्सी, ब्लॉक में कागजी विकास और जिले में खाद की कालाबाजारी 



शाहजहांपुर (जलालाबाद): जलालाबाद विकास खंड में विकास निधि के खुलेआम बंदरबांट और सरकारी धन की लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की तैनाती के बाद से फर्जी बिल-वाउचरों के सहारे विकास कार्यों के नाम पर बड़ी वित्तीय अनियमितताएं की जा रही हैं।

स्थानीय स्तर पर पंचायत निधि के बजट को ठिकाने लगाने के लिए बोगस (फर्जी) फर्में तैयार की गई हैं। ब्लॉक के जिम्मेदारों की सांठगांठ से बिना किसी धरातलीय काम के केवल कागजों पर भुगतान उठाया जा रहा है।


ग्राम पंचायत #मुड़िया_कलां इसका ताजा उदाहरण है, जहां प्रशासक की तैनाती के बाद बिना तारीख पड़े बिल-वाउचरों के आधार पर धड़ल्ले से भुगतान किया गया। पंचायत घर के डिस्टेंपर, मरम्मत और वॉल पेंटिंग जैसे सामान्य कार्यों के नाम पर बाहरी फर्जी फर्मों के जरिए सरकारी बजट साफ कर दिया गया।जिलाअधिकारी के आदेश का भी पालन हो रहा है और जमकर भुगतान भी किया जा रहा है।साहब का आदेश था नए काम की फाइल उनकी टेबिल पर आनी चाहिए ।नई फाइल बनाना ही बंद है इस समय पुराने कामों का भुगतान किया दनादन किया जा रहा है।


#दोहरे प्रभार के चक्कर में BDO साहब दोनों मोर्चों पर नाकाम


जलालाबाद ब्लॉक में बदहाली की एक बड़ी वजह खंड विकास अधिकारी (BDO) का दोहरा प्रभार होना भी माना जा रहा है। वर्तमान में जलालाबाद BDO विकास किशोर के पास जिला कृषि अधिकारी का भी प्रभार है। दो-दो महत्वपूर्ण पदों का प्रभार होने के कारण अधिकारी न तो ब्लॉक के विकास कार्यों पर ध्यान दे पा रहे हैं और न ही कृषि विभाग की कार्यप्रणाली को संभाल पा रहे हैं।

इसका सीधा असर क्षेत्र के किसानों और जनता पर पड़ रहा है


#खाद की कालाबाजारी रोकने में रहे नाकाम : कृषि विभाग का सही पर्यवेक्षण न होने से क्षेत्र में किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ा।


#दफ्तर से रहस्यमयी ढंग से गायब होतीं फाइलें: आपके कृषि कार्यालय से घोटाले से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें खुद-ब-खुद गायब हो जाती हैं। इसके बाद मामले की लीपापोती करने के लिए सदर थाने में 'अज्ञात चोर' के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाती है, जबकि फाइलें खुद दफ्तर के भीतर से गायब होती हैं।


#पूर्व कृषि अधिकारी को बचाने को तो गायब नहीं हुई फाइलें


 कार्यालय से घोटालों की फाइलें गायब होने और एफआईआर दर्ज कराए जाने के पीछे पूर्व जिला कृषि अधिकारी (DIN: 09320781) की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि 29 अक्टूबर 2021 को शाहजहांपुर में बनाई गई एक संदिग्ध फर्म के जरिए रिटेलर दुकानदारों पर दबाव बनाकर किसानों को घटिया व नकली खाद बिकवाई गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं अधिकारियों और उनके करीबियों को बचाने के लिए फाइलों को गायब किया जा रहा है।मुकदमा लिखे जाने के बाबजूद आज तक पुलिस अज्ञात चोर का पता ही नहीं लगा सकी है।यह वही फाइल है जो शासन से नकली खाद बनाने वाले सिंडीकेट की पोल खोल देती।


#मनरेगा में बारिश के बीच कागजी विकास कार्य


ग्राम निधि के अलावा मनरेगा योजना में भी भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के संरक्षण में मानसून की भारी बारिश के दौरान भी कागजों में काम चलता रहा। धरातल पर काम न होने के बावजूद मजदूरों की फर्जी हाजिरी और मजदूरी पोर्टल पर चढ़ाकर भुगतान निकाला जाता रहा।

एक तरफ जलालाबाद विकास खंड में पूरे जनपद में सबसे ज्यादा क्षेत्र पंचायत विकास निधि आती है, तो दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और बोगस फर्मों के जाल ने विकास कार्यों को केवल कागजों तक सीमित कर दिया है। क्षेत्र की जनता अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।


यही नहीं पड़ोसी ग्राम पंचायत ने शाहजहांपुर के फर्मों के जरिए फागिंग के नाम पर दो दो बार रुपए निकाले लेकिन फागिंग क्या होती है ग्राम वासियों के पता ही नहीं

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Shahjahanpur Cdo 

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