🚨 खाद की कालाबाजारी या राजनीतिक संरक्षण?
वाहन थाने में खड़ा… अब जिम्मेदार कब खड़े होंगे?
शाहजहांपुर के तिलहर क्षेत्र स्थित सहकारी संघ ढकिया रघा से कथित रूप से भारी मात्रा में DAP खाद पुवायां ले जाए जाने का मामला सामने आया है। पत्रकार की सूचना पर कल शाम करीब 7 बजे पुवायां पुलिस ने वाहन को पकड़कर थाने में खड़ा करा दिया।
लेकिन सवाल सिर्फ वाहन पकड़े जाने का नहीं है…
❓ किसानों के लिए आई DAP खाद कहां और किसके आदेश पर ले जाई जा रही थी?
❓ खाद किसके नाम पर थी?
❓ वाहन किसका है?
❓ इतनी मात्रा में खाद दूसरे स्थान पर ले जाने की अनुमति किसने दी?
❓ इस पूरे मामले के पीछे कौन-कौन लोग हैं?
मामले को लेकर राजनीतिक दबाव की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। यह भी चर्चा है कि कथित कालाबाजारी से जुड़े लोगों ने कहा कि “सब निपटा लेंगे, कुछ नहीं होगा।”
वहीं पूरे मामले में चाचा-भतीजे की कथित मिलीभगत की भी चर्चा है। हालांकि इन आरोपों और चर्चाओं की पुष्टि निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकती है।
अगर किसानों के हिस्से की खाद को नियमों के विपरीत कहीं और ले जाया जा रहा था, तो कार्रवाई सिर्फ वाहन और ड्राइवर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। खाद कहां से निकली, किसके निर्देश पर निकली और इसके पीछे असली जिम्मेदार कौन हैं—इसकी जांच होनी चाहिए।
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वाहन थाने में खड़ा है… अब जिम्मेदार कब खड़े होंगे?
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