माननीय ऊर्जा मंत्री जी की उपस्थिति में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन व संगठन पदाधिकारियों के बीच बैठक वार्ता संपन्न।

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 *माननीय ऊर्जा मंत्री जी की उपस्थिति में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन व संगठन पदाधिकारियों के बीच बैठक वार्ता संपन्न।


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*पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन द्वारा हटाए गए कर्मचारियों कि गलत आंकड़ा प्रस्तुत किया जा रहा है।*


*कार्पोरेशन कुछ बताता है और संगठन के लोग कुछ, इसीलिए आज दोनों को एक साथ बुलाएं है।*


*माननीय ऊर्जा मंत्री जी ने कहा कि हमारे मंत्री, विधायक भी हमसे कहते हैं कि मंत्री जी आपके पास तो कर्मचारी ही नहीं है तो बिजली सुचारू कैसे चलेगी।*


 महोदय,

अवगत कराना है के आज दिनांक 22 अगस्त 2026 को माननीय ऊर्जा मंत्री जी की उपस्थिति में पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन व संगठन पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक वार्ता में-


 संगठन के तरफ से यह कहा गया की पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा अपने स्वयं के आदेश दिनांक 15 मई 2017 एवं अन्य का उल्लंघन कर लगभग 25000 बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया है जिस पर माननीय मंत्री जी द्वारा अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन से इस विषय पर पुछा गया जिस पर अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन द्वारा 9000 बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटाए जाने की पुष्टि की गई जिस पर संगठन पदाधिकारियों द्वारा विरोध करते हुए कहा गया की आप ग़लत बता रहे हैं। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि 9000 कर्मचारी तो 1 मई 2025 को केवल मध्यांचल के भिन्न-भिन्न जनपदों से हटाए गए हैं। जिसपर माननीय उर्जा मंत्री जी ने कहा कि पावर कार्पोरेशन कुछ बताता है और संगठन के पदाधिकारी कुछ और बात बताते हैं, इसीलिए आज दोनों को एक साथ बुलाएं है वैसे मेरे मंत्री विधायक भी हमसे यही कहते है कि मंत्री जी आपके पास तो कर्मचारी ही नहीं है तो बिजली सुचारू रूप से कैसे चलेगी। इसलिए आप एक कमेटी गठित करिए जिसमें संगठन पदाधिकारियों के साथ ही साथ अन्य संगठनों के पदाधिकारियों को भी शामिल करिए ताकि कर्मचारियों कि वास्तविक स्थिति का पता चल सके और उसी के अनुरूप हटाए गए कर्मचारियों को तैनात किया जाय। तथा कमेटी गठित करते समय अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन को शामिल न किया जाए ताकि सभी अधिकारी स्वतंत्र रूप से अपनी बात कह सकें।


संगठन पदाधिकारी द्वारा कहां गया की पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के पास ना तो लाइनमैन है और ना ही पेट्रोल मैन जिनकी कमी को अनुभवी आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा पुरा किया जाता था लेकिन पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा 55 वर्ष का हवाला देकर कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया है तथा कुशल कर्मचारियों के साथ ही साथ अकुशल कर्मचारियों से भी लाइन का कार्य कराया जा रहा है जिसके कारण पिछले 107 दिनों में 82 बिजली आउटसोर्स कर्मचारी की बड़ी दुर्घटनाएं हुई जिसमें 44 के मृत्यु एवं 38 गंभीर रूप से घायल हो गए, जिस पर माननीय मंत्री जी द्वारा संगठन द्वारा प्रस्तुत किए गए सूची की जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई। तथा कहा गया कि जहां कहीं भी जिस भी किसी तरह कि सुरक्षा उपकरण कि आवश्यकता पड़े वहां दिया जाय।


संगठन पदाधिकारियों द्वारा कहा गया कि माननीय जी आपके निर्देश पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा दिनांक 18-9-2025 को आदेश निर्गत किया गया था जिसमें कहा गया था की आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे हैं कर्मचारियों का कार्य के अनुरूप अनुबंध किया जाए, वेतन रुपया 18000 निर्धारित किया जाए, मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया जाए, घायल कर्मचारी का कैशलेस इलाज कराया जाए और घायल कर्मचारियों द्वारा इलाज में खर्च किए गए पैसे को संविदाकारों के बिल से कटकर भुगतान किया जाए, जिस पर माननीय मंत्री जी द्वारा कार्य के अनुरूप अनुबंध करने पर सहमति जताई गई लेकिन मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस लेने पर सहमति नहीं बनी।

 

संगठन द्वारा मांग की गई कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नवगठित आउटसोर्स सेवा निगम में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा आउटसोर्स कर्मचारी के शामिल होने का विरोध किया जा रहा है जिस पर माननीय जी द्वारा ऐसा न होने की बात कही गई।


संगठन द्वारा या मांग की गई की श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित अवकाश दिया जाए जिस पर सहमति नहीं बनी।


इको गार्डन आलमबाग लखनऊ में चल रहा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।


देवेन्द्र कुमार पाण्डेय,

प्रदेश महामंत्री।


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