एक दिन, दो हादसे… सात चिताएं: शाहजहांपुर में दर्द से भर उठा आसमान
शाहजहांपुर। कभी-कभी एक ही दिन इतनी पीड़ा दे जाता है कि पूरा जिला सन्न रह जाता है। गुरुवार को ऐसा ही काला दिन बनकर सामने आया, जब दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों ने सात जिंदगियां छीन लीं। हर तरफ चीख-पुकार, रोते-बिलखते परिजन और आंखों में नम सवाल—आखिर कब थमेंगे ये हादसे?
पहला हादसा दिल को झकझोर देने वाला था। एक ही परिवार के चार लोग, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल थे, पल भर में इस दुनिया से चले गए। बताया जा रहा है कि वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद जो दृश्य सामने आया, वह हर किसी की आंखें नम कर गया—घर के आंगन में अब सन्नाटा पसरा है, जहां कल तक हंसी गूंजती थी।
दूसरा हादसा खुटार क्षेत्र में हुआ, जहां एक कार और टैंकर की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोग दौड़ पड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
दोनों घटनाओं ने पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है। हर गली, हर मोहल्ले में सिर्फ एक ही चर्चा—इतनी जिंदगियां एक ही दिन में… आखिर क्यों?
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर सावधानी बरतें, गति सीमित रखें और यातायात नियमों का पालन करें। लेकिन इन अपीलों के बीच उन परिवारों का दर्द सबसे बड़ा है, जिन्होंने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया।
इन हादसों ने एक बार फिर याद दिला दिया कि सड़क पर एक छोटी सी चूक, पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ सकती है। आज शाहजहांपुर रो रहा है… और हर आंख यही पूछ रही है—अब और कितनी कीमत चुकानी बाकी है?

