कुमारगंज पंजाब नेशनल बैंक बना कथित दलालों का अड्डा, निजी व्यक्ति की बैंक के कैश काउंटर से मैनेजर कक्ष तक आवाजाही पर उठे सवाल

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 कुमारगंज पंजाब नेशनल बैंक बना कथित दलालों का अड्डा, निजी व्यक्ति की बैंक के कैश काउंटर से मैनेजर कक्ष तक आवाजाही पर उठे सवाल



मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की ऋण फाइल निरस्त होने से नाराज आवेदक ने खोला मोर्चा, एमडी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत


मिल्कीपुर, अयोध्या। 

कुमारगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बैंक में कथित तौर पर निजी व्यक्ति के बढ़ते हस्तक्षेप और ग्राहकों के कामकाज में उसकी भूमिका को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता अनूप पांडेय पुत्र कृष्ण मणि पांडेय ने शाखा प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए बैंक की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैंक में राम सजीवन तिवारी नामक एक निजी व्यक्ति का खासा दखल है। बैंक पहुंचने पर ग्राहकों को बार-बार उसी व्यक्ति से संपर्क करने के लिए कहा जाता है। आरोप है कि उक्त व्यक्ति का कैश काउंटर, एटीएम कैश काउंटर और शाखा प्रबंधक के कार्यालय तक आना-जाना लगा रहता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत स्वरोजगार के लिए उन्होंने कई बार ऋण आवेदन किया, लेकिन उनकी फाइल बार-बार निरस्त कर दी गई। हैरानी की बात यह है कि अलग-अलग आवेदनों में निरस्तीकरण के कारण भी अलग-अलग बताए गए। जब इस संबंध में शाखा प्रबंधक से जानकारी मांगने का प्रयास किया गया तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक यूनियन का पदाधिकारी होने का हवाला देकर अपनी कार्यशैली को लेकर सवालों से बचते हैं। मामले को गंभीर बताते हुए अनूप पांडेय ने पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी), नई दिल्ली तथा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत बैंक के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इसमें उनकी ऋण फाइल निरस्त करने के कारण, अप्रैल माह से अब तक मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत प्राप्त और स्वीकृत आवेदनों का विवरण, ऋण पाने वाले लाभार्थियों की जानकारी तथा बैंक में कथित तौर पर सक्रिय निजी व्यक्ति की नियुक्ति और पद से संबंधित विवरण शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि उनकी दुकान का स्थलीय निरीक्षण किए बिना ही ऋण आवेदन किस आधार पर निरस्त कर दिया गया। साथ ही शाखा प्रबंधक के बैंक आने-जाने के समय, कार्यालय में उपस्थिति और बैंक के खर्चों से संबंधित अभिलेख भी मांगे हैं। उनका दावा है कि बैंक परिसर में निजी व्यक्ति की आवाजाही से संबंधित फोटो भी उनके पास साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं। जिसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल है। गौरतलब है कि हाल ही में नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक से जुड़ा निजी कर्मियों की कथित मिलीभगत और करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी का मामला चर्चा में रहा है। ऐसे में कुमारगंज शाखा में निजी व्यक्ति की कथित सक्रियता को लेकर उठे सवालों ने बैंकिंग व्यवस्था और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में कोई निजी व्यक्ति किस अधिकार से बैंकिंग गतिविधियों में हस्तक्षेप कर रहा है। क्या बैंक प्रबंधन को इसकी जानकारी है या नहीं।शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई और ऋण आवेदन निरस्त किए जाने का स्पष्ट कारण सार्वजनिक करने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना और बैंक प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। Breaking News Punjab National Bank Uttar Pradesh Highlights Chief Minister Office Uttar Pradesh Facebook MYogiAdityanath

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