धनतेरस पर सोने-चांदी की चमक में छिपा धोखे का खेल! खरीदारी से पहले रहें सावधान
चमक-दमक और भारी सजावट देखकर न करें भरोसा, शुद्धता की जांच के बाद ही खरीदें आभूषण
खुटार की सर्राफा मार्केट में टंच के नाम पर हेराफेरी के गंभीर आरोप, 75 टंच बताकर बेचा गया सोना जांच में महज 15 टंच निकला; छूट और उपहार का लालच देकर ग्राहकों को बुलाने की कोशिश
खुटार, शाहजहांपुर। धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए। त्योहार की चमक-दमक, दुकानों की भव्य सजावट और आकर्षक ऑफरों के बीच कहीं आपकी गाढ़ी कमाई के साथ खिलवाड़ न हो जाए। खुटार की सर्राफा मार्केट में सोने-चांदी की शुद्धता और टंच को लेकर पूर्व में सामने आए विवादों ने सर्राफा कारोबार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप हैं कि अधिक टंच का दावा कर ग्राहकों को कम शुद्धता वाले आभूषण बेचे गए और कीमत पूरी शुद्धता के हिसाब से वसूली गई।
धनतेरस के मौके पर ग्राहकों को अपनी दुकानों तक आकर्षित करने के लिए कुछ सर्राफा कारोबारी फोन के माध्यम से भारी छूट और आकर्षक उपहारों के ऑफर दे रहे हैं। ग्राहकों को विशेष छूट और उपहारों का भरोसा दिलाकर खरीदारी के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। हालांकि इन लुभावने ऑफरों के बीच सबसे बड़ा सवाल आभूषणों की वास्तविक शुद्धता को लेकर है। आखिर छूट और उपहार देने वाले कारोबारी ग्राहकों को सोने-चांदी की शुद्धता की गारंटी भी देंगे या नहीं?
75 टंच बताकर बेचा सोना जांच में महज 15 टंच निकला
खुटार थाने में कुछ समय पहले पहुंचा एक मामला सर्राफा कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर चुका है। क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि वह कई वर्षों से खुटार के एक सर्राफा कारोबारी से सोने-चांदी के आभूषण खरीदकर गांव-गांव फेरी लगाकर बेचता था। आरोप के मुताबिक, वर्ष 2020 में उसने संबंधित व्यापारी से 75 टंच सोने और 52 टंच चांदी के आभूषण खरीदे थे।
बाद में ग्राहकों की शिकायत मिलने पर आभूषणों की जांच कराई गई तो कथित तौर पर चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। तहरीर के अनुसार, 75 टंच बताया गया सोना जांच में महज 15 टंच का निकला, जबकि 52 टंच बताई गई चांदी की शुद्धता 35 टंच पाई गई। इसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत की और कार्रवाई की मांग उठाई थी।
दूसरे कारोबारी का विवाद भी पहुंचा था थाने
इसी तरह नगर के एक अन्य चर्चित आभूषण विक्रेता से जुड़ा विवाद भी कुछ समय पहले थाने पहुंचा था। हालांकि बाद में ग्राहक और व्यापारी के बीच समझौता हो गया। लगातार सामने आए ऐसे विवादों के बीच त्योहार पर छूट और उपहारों के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिशें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में सर्राफा कारोबार की पारदर्शिता और आभूषणों की शुद्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
खरीदारी में बरतें सावधानी, पक्का बिल लेना न भूलें
धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदना अनेक परिवारों की परंपरा है। इसके लिए लोग सालभर की बचत तक लगा देते हैं। ऐसे में आभूषण खरीदते समय केवल दुकानदार के दावों, चमक-दमक या भारी छूट के भरोसे फैसला करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। ग्राहकों को सोने पर हॉलमार्क और छह अंकों वाले एचयूआईडी कोड की जांच करनी चाहिए। साथ ही आभूषण का वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क स्पष्ट रूप से पूछकर पक्का बिल अवश्य लेना चाहिए।
त्योहार की खुशियों के बीच ग्राहकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे, इसके लिए जरूरी है कि खरीदारी दिखावे और लालच के बजाय शुद्धता की पुष्टि के आधार पर की जाए।
