खुद को गोली मारकर दो लोगों पर दर्ज कराया जानलेवा हमले का मुकदमा, साजिश रचने वाले दो गिरफ्तार
--पत्नी से विवाद के बाद शराब के नशे में अपने पैर में मारी थी गोली, पुलिस को किया गुमराह
--आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा और खोखा कारतूस बरामद
शाहजहांपुर। थाना मदनापुर पुलिस ने खुद को गोली मारकर दो लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का झूठा मुकदमा दर्ज कराने और पुलिस को गुमराह करने के मामले में वादी समेत उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और 315 बोर का एक खोखा कारतूस बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, एक नवंबर को रवीन्द्र सिंह ने थाना मदनापुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि नीरज मौर्य और सुनील ने तमंचे से फायर कर उसे घायल कर दिया। इस आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचना के दौरान पुलिस को घटना संदिग्ध लगी। वादी के ससुराल पक्ष के परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि पत्नी से विवाद के बाद रवीन्द्र ने शराब के नशे में खुद ही अपने पैर में गोली मार ली थी। इसके बाद उसने अपने साथी राहुल के साथ मिलकर पुलिस को गुमराह करने की साजिश रची और पुरानी रंजिश के चलते नीरज मौर्य व सुनील को झूठे मुकदमे में फंसा दिया।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए रवीन्द्र सिंह को दो नवंबर की रात खदिया पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। वहीं उसके साथी राहुल को तीन नवंबर को गुलेला खेड़ा चौराहे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रवीन्द्र की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा और खोखा कारतूस भी बरामद किया है।
इस मामले में पुलिस ने मुकदमे में धोखाधड़ी, झूठी सूचना देने, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र समेत संबंधित धाराओं में बढ़ोतरी की है। साथ ही आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवीन्द्र सिंह (26) निवासी शमशेरपुर थाना कांट और राहुल (27) निवासी शमशेपुर थाना कांट के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार अधाना, लालबहादुर सिंह समेत कांस्टेबल आकाश कुमार और सचिन कुमार शामिल रहे।
आपका अपना शहर Aapka Apna Shahar
