#भावुक विदाई: #महुली थाने में #प्रभारी #निरीक्षक दुर्गेश कुमार #पांडेय का #कार्यकाल रहा यादगार
#थाना परिसर का कराया कायाकल्प, जनसंवाद और विकास कार्यों से छोड़ी अमिट छाप; स्थानांतरण की खबर से क्षेत्र में चर्चा
महुली (संतकबीरनगर)। महुली थाने के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार पांडेय के स्थानांतरण की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में उनके कार्यकाल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 12 फरवरी 2026 से 27 अक्टूबर 2026 तक के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और आम जनता के साथ संवाद को लेकर विशेष पहल की। उनके कार्यकाल में कराए गए कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच उनकी चर्चा हो रही है।
थाना परिसर के सौंदर्यीकरण पर दिया जोर
प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार पांडेय के कार्यकाल में महुली थाने के परिसर को व्यवस्थित और सुंदर बनाने की दिशा में कई कार्य कराए गए। परिसर में साफ-सफाई, हरियाली बढ़ाने, पेड़-पौधे लगाने तथा फूल-पत्तियों से सजावट पर ध्यान दिया गया। इन प्रयासों से थाना परिसर की सूरत बदलने में मदद मिली।
निर्माण और जनसुविधाओं से जुड़े कार्य
थाने में इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण, प्रभारी निरीक्षक आवास परिसर की बाउंड्रीवॉल और गेट से संबंधित कार्य, कार्यालय का नवीनीकरण तथा विवेचना सहायक कक्ष और जनसंवाद कक्ष की स्थापना जैसे कार्य कराए गए। इसके साथ ही जनसेवा दीर्घा का उद्घाटन भी उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा। इन कार्यों का उद्देश्य थाना परिसर को अधिक व्यवस्थित बनाना और पुलिस से संबंधित कार्यों के लिए आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।
सख्त कार्यशैली के साथ जनसंवाद पर जोर
दुर्गेश कुमार पांडेय की कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में 'सिंघम' अंदाज की चर्चा भी होती रही। अनुशासन और सख्ती के साथ आम लोगों की समस्याएं सुनने तथा उनसे संवाद बनाए रखने की उनकी पहल को स्थानीय स्तर पर सराहा गया। लोगों का थाने तक पहुंचना और अपनी समस्याएं रखना आसान हो, इस दिशा में जनसंवाद को महत्वपूर्ण माना गया।
नई जिम्मेदारी के लिए हुए स्थानांतरित
प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार पांडेय अब एसपी प्रो से संबंधित नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। उनके स्थानांतरण के बाद स्थानीय स्तर पर उनके कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों और थाना परिसर में हुए बदलावों की चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि उन्होंने थाने को केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित रखने के बजाय उसे साफ-सुथरा, व्यवस्थित और आम जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने की दिशा में प्रयास किया।
महुली थाने में उनके कार्यकाल के दौरान हुए बदलाव आने वाले समय में भी चर्चा का विषय बने रह सकते हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि उनके बाद आने वाले अधिकारी थाना परिसर की व्यवस्थाओं और जनसंवाद की इस पहल को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।
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