जलालाबाद CHC में अनियमितता, औचक निरीक्षण के बाद भी नहीं बदले हालात

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 जलालाबाद CHC में अनियमितता, औचक निरीक्षण के बाद भी नहीं बदले हालात



निरीक्षण के बाद अधीक्षक बदले, पांच सुरक्षा गार्ड तैनात; सेना जैसी वर्दी को लेकर उठे सवाल


शाहजहांपुर/जलालाबाद। प्रदेश सरकार जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा कर रही है, वहीं शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र स्थित नगरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

बताया जाता है कि जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद नगरिया CHC के अधीक्षक का स्थानांतरण कर दिया गया और केंद्र की जिम्मेदारी कलान के अधीक्षक को सौंप दी गई। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में पांच सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई।


#सुरक्षा गार्डों की वर्दी बनी चर्चा का विषय


अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों की वर्दी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि गार्ड ऐसी वर्दी पहनकर ड्यूटी कर रहे हैं, जो देखने में सेना की वर्दी से काफी मिलती-जुलती है। पहली नजर में उन्हें देखकर सेना के जवान अथवा अधिकारी होने का भ्रम पैदा होने की बात कही जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों से सुरक्षा गार्ड यह पूछते नजर आते हैं कि वे अस्पताल क्यों आए हैं। इस व्यवस्था को लेकर भी मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी बताई जा रही है।


#क्या निजी सुरक्षा गार्ड पहन सकते हैं सेना जैसी वर्दी?


भारतीय कानून (यूनिफॉर्म एक्ट / इंडियन पीनल कोड) और रक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार, रिटायर या पूर्व सैनिक भी सेवानिवृत्ति के बाद अपनी भारतीय सेना (Army, Navy, Air Force) की मूल वर्दी, रैंक या इंसिग्निया (बिल्ले) पहनकर प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी नहीं कर सकते।


इस विषय में मुख्य नियम और प्रावधान निम्नलिखित हैं:

#कानूनी_प्रतिबंध 

कोई भी व्यक्ति जो सेना का सक्रिय सदस्य नहीं है, आधिकारिक सेना की वर्दी या उससे मिलती-जुलती ऐसी ड्रेस नहीं पहन सकता जिससे आम जनता को यह भ्रम हो कि वह व्यक्ति वर्तमान में सेना में सेवा दे रहा है। ऐसा करना एक दंडनीय अपराध है।

PSARA नियमों के तहत किसी भी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी को अपनी यूनिफॉर्म के लिए रक्षा बलों (सेना, नौसेना, वायुसेना) या पुलिस की आधिकारिक वर्दी, लोगो, या बैज का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती। प्राइवेट गार्ड्स की ड्रेस सेना की ड्रेस से स्पष्ट रूप से अलग होनी चाहिए।


 यदि नगरिया CHC में तैनात सुरक्षा गार्डों की वर्दी वास्तव में भारतीय सेना की आधिकारिक वर्दी, रैंक, बैज अथवा पहचान चिह्नों से मेल खाती है, तो इसकी वैधानिकता की जांच किया जाना आवश्यक है।

गार्डों द्वारा स्वयं को पूर्व सैनिक बताए जाने की स्थिति में भी यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि उन्हें किस सुरक्षा एजेंसी ने नियुक्त किया है और ड्यूटी के दौरान उन्हें किस नियम के तहत यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई गई है।


#कई अन्य अनियमितताओं की भी जांच जरूरी


नगरिया CHC की व्यवस्थाओं को लेकर सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं और मदों में भी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठ रही है। इनमें उपकेंद्रों के कायाकल्प फंड के इस्तेमाल, आशा कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली साड़ियों, बैठकों में होने वाले नाश्ते के भुगतान, कथित फर्जी पर्चों एवं दवाओं तथा CHO इंसेंटिव से जुड़े भुगतान शामिल हैं।

इन सभी मामलों में संबंधित अभिलेखों, बिल-वाउचर, स्टॉक रजिस्टर, भुगतान विवरण और लाभार्थियों के रिकॉर्ड की जांच होने पर बड़ा घोटाला सामने आयेगा। 


DM Shahjahanpur 

Brajesh Pathak 

Keshav Prasad Maurya 

Chief Minister Office Uttar Pradesh 

Suresh Kumar Khanna 

Akhilesh Yadav 

PMO India

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