खेत की पैमाइश के नाम पर कानूनगो ने मांगी थी रिश्वत किसान बनकर पहुंची एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार, साथी भी दबोचा
फर्रुखाबाद के तहसील सदर क्षेत्र के शमसाबाद के पूर्वी के कानूनगो व उसके सहयोगी को एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार शाम को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उसने किसान से खेत की पैमाइश के नाम पर 30 हजार रुपये मांगे थे।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव वीरपुर नादी निवासी किसान सर्वेश शाक्य का गांव में ही सात बीघा खेत है। मौके पर खेत कुछ कम है। इसके चलते वह खेत की पैमाइश कराना चाहते थे। इसके लिए वह जनपद फतेहपुर निवासी व सदर तहसील में तैनात कानूनगो विमल श्रीवास्तव से मिले। कानूनगो के साथ ही ऋषभसक्सेना उर्फ पवन दलाल के रूप में काम करता है। उसी के माध्यम से कानूनगो ने सर्वेश से 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। उन्होंने कानपुर एंटी करप्शन टीम से इसकी शिकायत की। बृहस्पतिवार को टीम शहर में आई।
शाम को सर्वेश, पवन सक्सेना के साथ कानूनगो विमल श्रीवास्तव को बजरिया स्थित घर पर 15 हजार रुपये रिश्वत देने के लिए पहुंचा। उन्होंने जैसे ही कानूनगो को 15 हजार रुपये दिए टीम ने विमल व पवन सक्सेना को दबोच लिया। दोनों को एंटी करप्शन टीम फतेहगढ़ कोतवाली लेकर चली गई।
पवन ने सर्वेश से रुपये लेकर रख दिए थे कानूनगो के बैग में
किसान सर्वेश शाक्य से कानूनगो अपने निजी सहयोगी पवन सक्सेना के माध्यम से 40 हजार रुपये की मांग कर रहा था। रुपये न होने की बात बार-बार कहने पर 30 हजार रुपये पैमाइश कराने का भरोसा पवन ने सर्वेश को दिया था। इसके बाद सर्वेश ने पैमाइश पहले 15 हजार रुपये देने की बात कही। इस पर कानूनगो तैयार हो गया था। सर्वेश पवन उर्फ रिषभ के साथ ही कानूनगो के कमरे पर रुपये देने गया। वहां उसने पवन को रुपये दिए तो उसने गिनने के बाद कानूनगो के बैग में रख दिए। इसके बाद पीछे किसान के वेष में खड़े एंटी करप्शन टीम के जवान ने बैग के साथ ही कानूनगो व पवन को दबोच लिया। इसके बाद एंटी करप्शन टीम के अन्य सदस्य पहुंच गए। दोनों आरोपियों के साथ सर्वेश को भी फतेहगढ़ कोतवाली लेकर पहुंचे।
पांच दिन पूर्व की थी शिकायत, किसान के वेष में पहुंची एंटी करप्शन टीम
किसान सर्वेश शाक्य ने पांच दिन पूर्व कानपुर जाकर एंटी करप्शन टीम से मामले की शिकायत की थी। उसके बाद टीम के कुछ सदस्य सदर तहसील व कानूनगो के बजरिया स्थित किराए के मकान को देखकर वापस चले गए थे। इसके बाद टीम ने कानूनगो को पकड़ने के लिए जल बिछाया। सर्वेश को रंग लगे नोट दिए गए। वह नोट दिए। बजरिया फील्ड में कार खड़ी करने पहले ही टीम के अधिकांश सदस्या सिर पर गमछा आदि बांध कर किसान का वेष बना लिया, जिससे किसी को कोई शक न हो।

