रिटायर्ड IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीणा जाति प्रमाण पत्र के मामले में कानूनी जांच का सामना कर रहे हैं। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। यह कार्रवाई एक शिकायत और उच्च स्तरीय छानबीन समिति की रिपोर्ट के बाद हुई है।
मामला 1984 में विदिशा से जारी हुए एक ST प्रमाण पत्र से जुड़ा है। जांच समिति ने इस प्रमाण पत्र को अमान्य घोषित किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मीणा ने MPPSC परीक्षा में ST वर्ग का लाभ लेकर DSP पद हासिल किया।
जांच में एक और बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, पुलिस सेवा में आने से पहले मीणा सरकारी शिक्षक थे और उस समय उन्होंने खुद को OBC वर्ग का बताया था। बाद में MPPSC परीक्षा के दौरान ST प्रमाण पत्र इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। अब पुलिस यह जांच रही है कि प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी हुआ और उस समय नियमों व दस्तावेजों का पालन हुआ था या नहीं।
रघुवीर सिंह मीणा 1986 में DSP बने थे और बाद में IPS कैडर में आए। उनकी पत्नी ममता मीणा 2013 से 2018 तक चाचौड़ा से विधायक रह चुकी हैं। ([Indian Masterminds][2])
फिलहाल FIR दर्ज होना आरोपों की जांच की शुरुआत है; इससे अपने आप आरोप साबित नहीं होते। मामले में पुलिस की जांच आगे जारी है।
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