शाहजहांपुर बेसिक शिक्षा विभाग में टेंडर के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और भ्रष्टाचार

 


शाहजहांपुर बेसिक शिक्षा विभाग में टेंडर के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और भ्रष्टाचार 


 208 पदों के नाम पर 7 लाख की वसूली, पूर्व BSA और संविदा कर्मचारियों पर उठी उंगली


शाहजहांपुर:बेसिक शिक्षा विभाग में मैनपावर सप्लाई के टेंडर में धांधली और लाखों रुपये की ऐंठ-खसोट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लखनऊ निवासी ठेकेदार चंद्र प्रकाश पांडेय ने मुख्यमंत्री को को शिकायती पत्र भेजकर विभाग के कर्मचारियों और बिचौलियों पर टेंडर दिलाने के नाम पर 7 लाख रुपये की नकद रिश्वत लेने और धोखाधड़ी करने का सीधा आरोप लगाया है।


#कंपनी L1 कराने के नाम पर वसूले 7 लाख रुपये, फिर दिया धोखा


शिकायतकर्ता के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग, शाहजहांपुर द्वारा ECCE Educator और अनुदेशक के कुल 208 पदों के लिए मैनपावर निविदा (टेंडर) निकाली गई थी। पीड़ित ठेकेदार का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान उनकी मुलाकात कार्यालय में तैनात एक संविदाकर्मी से मुलाकात हुई उसने मुलाकात आउटसोर्सिंग कर्मचारी कफील (DC M.I.S.) से करवाई और कहा कि लेन देन का काम कफील के साथ करना ।

 कफील और उसके मध्यस्थ साथियों ने टेंडर में कंपनी को L1 (लोएस्ट बिडर) बनवाकर कार्यादेश दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में पूर्व बीएसए दिव्या गुप्ता के नाम पर 5 लाख रुपये और कफील व बिचौलिए के लिए 1-1 लाख रुपये (कुल 7 लाख रुपये) नकद ऐंठ लिए गए।


#पैसे_डकारे_टेंडर_दूसरी_कंपनी_को_सौंपा


आरोप है कि भारी-भरकम रकम वसूलने के बावजूद उक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से टेंडर किसी अन्य फर्म को जारी कर दिया गया। जब पीड़ित ने अपने 7 लाख रुपये वापस मांगे, तो आरोपी कफील ने साफ इनकार कर दिया और हीला-हवाली करने लगा। पीड़ित का कहना है कि उनके पास इस पूरे लेन-देन और बातचीत के पुख्ता ऑडियो, व्हाट्सएप चैट और गवाह मौजूद हैं।

पीड़ित चंद्र प्रकाश पांडेय ने मुख्यमंत्री महोदय जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की मांग की है। 


मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं

#साक्ष्यों_की_सुरक्षा: BSA कार्यालय और संबंधित टेंडर के सभी डिजिटल व कागजी साक्ष्यों को तत्काल सील किया जाए ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो।


#तकनीकी_मूल्यांकन_की_जांच: टेंडर प्रक्रिया (Technical Evaluation, ATC Compliance, L1 Selection) की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।


#कठोर_दंडात्मक_कार्रवाई: आरोपी कर्मचारी कफील, बिचौलियों और संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर 7 लाख रुपये की वसूली कराई जाए।

विभाग में खुलेआम चल रहे इस भ्रष्टाचार का जिन्न बाहर आने के बाद अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करता है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

DM Shahjahanpur 

Shahjahanpur Cdo 

Chief Minister Office Uttar Pradesh 

Suresh Kumar Khanna 

Brajesh Pathak 

Keshav Prasad Maurya 

Jps Rathore 

Akhilesh Yadav 

PMO India

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