गोण्डा का कानून व्यवस्था राम भरोसे,पीड़ित पत्रकार के मामले मे आरोपी SO को ही सौंपा गया जांच

0 India100news


 गोण्डा का कानून व्यवस्था राम भरोसे,पीड़ित पत्रकार के मामले मे आरोपी SO को ही सौंपा गया जांच


बेखौफ थानेदार को बचाने के लिए जिम्मेदारों ने ताक पर रख दिया पीएम व सीएम का आदेश

 

गोण्डा।सीएम योगी का सख्त निर्देश है की कानून से कदापि खिलवाड़ न किया जाए, कानून से खिलवाड़ करने वाले को बख्शा नही जाएगा चाहे वो पुलिस कर्मी हो या फिर आम आदमी हो, बावजूद इसके गोण्डा जिले मे कानून को तमाशा बना दिया गया है। जुर्म चाहे कितना भी हो यहाँ सब माफ़ है। बस साहब का आशीर्वाद होना चाहिए। 


ऐसा ही मामला वज़ीरगंज थाने का है जहां का बेखौफ थानेदार वर्दी की आड़ मे आये दिन नियम कानून की धज्जियाँ उड़ाता है, इसके कारनामो से अखबारों के पन्ने भरे रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी इनके तानाशाही की कहानी उजागर होती रहती है, कानून व्यवस्था पर भी लोगों की उंगलियां उठ रही हैं की आखिर इस थानेदार पर जिम्मेदारो की इतनी मेहरबानी क्यों है, सरकार की मंशा पर आये दिन पानी फेर कर उनकी छवि को धूमिल करने वाले इस दरोगा को तत्काल हटाने की बजाय उसे इतनी छूट क्यों ? ये सवाल शासन के छवि पर दागदार धब्बे की तरह है जो योगी के मिशन मिशन के पहिये को भ्रष्टाचार के दल दल मे धकेल रहा है। वजीरगंज थाने के थानेदार विपुल पाण्डेय न केवल पीड़ितों से अभद्रता करते हैं। ये बिना सोंचे समझें निष्पक्ष लिखने वाले क्षेत्र के एक सम्मानित पत्रकार से भी भिड़ गए। वर्दी का नशा इनके सर पर इस कदर सवार है कि खुद को ये किसी हिटलर से कम नही समझते, ये भूल जाते है कि ये योगी सरकार है जहां कानून सबके लिए बराबर है। बावजूद इसके हाकिमो कि निष्क्रियता व मेहरबानी के चलते ये आज भी थाने कि कुर्सी पर बैठकर अपने दबंगई का सिक्का चलाते हैं। बताते चलें कि बीते दिनों निष्पक्ष लिखने वाले क्षेत्र के एक पत्रकार के बेटे से पुलिस वालों ने अभद्रता किया, जहां पहुंचकर जब पत्रकार पिता ने उसका विरोध किया तो थाने के सिपाही आनंद यादव, शिवम पाल, एस आई विकास गुप्ता, एसआई वेदराम यादव, सिपाही सुशील सिंह आदि ने जमकर पुलिसिया तांडव किया था, इतना ही थाने पर लाने के बाद बेलगाम थानेदार विपुल पाण्डेय ने बिना कुछ सोंचे समझें पुलिस वालों के चढ़ाने पर आग बबूला हो उठे थे और वर्दी कि आड़ मे गुंडागर्दी करते हुए पत्रकार व उसके बेटे का शोषण किया था, जिसकी शिकायत पत्रकारों ने आईजी से कि थी जहां से प्रभावी कार्यवाही न होने से पत्रकारों ने गृह मंत्रालय व पीएम कार्यालय जाकर लिखित शिकायती पत्र देकर कार्यवाही कि मांग कि थी। यहाँ कानून तब तमाशा बन गया जब गोण्डा पुलिस का एक और खेल उजागर हुआ। यहाँ पीएम व सीएम का निर्देश भी दम तोड़ गया। खुद योगी कि पुलिस ने योगी के ही निर्देशों को खिलवाड़ बना दिया। बताते चलें कि पीएमओ व गृह मंत्रालय मे शिकायत होने के बाद मामला सीएम कार्यालय मे सौंपा गया, जहां से इस मामले मे जिलाधिकारी को नियमनुसार जांच कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया, इस मामले को जिलाधिकारी ने एसपी को प्रेषित कर दिया, जिसे एसपी ने तरबगंज क्षेत्रधिकारी को सौंप दिया, यहाँ सबसे हैरान करने वाला विषय तो यह है कि क्षेत्राधिकारी ने बिना कुछ सोंचे समझें इस मामले को उसी थानेदार विपुल पाण्डेय को जांच कर कार्यवाही के लिए सौंप दिया जिस पर शोषण का आरोप लगाया था। कितनी हैरानी कि बात है कि भ्रष्ट थानेदार को बचाने के लिए पीएम व सीएम का निर्देश भी ताक पर रखा दिया जाता है। ऐसे मे पीड़ितों को न्याय कहा से मिलेगा। क्षेत्र मे चर्चा है कि ये थानेदार जिम्मेदारों का चहेता है शायद इसी लिए इस का हर गुनाह माफ़ है।


आक्रोषित पत्रकार तमाम सबूतों के साथ फिर पहुंचेगे गृह मंत्रालय व पीएम कार्यालय, बयां करेंगे यहाँ की दास्तान*


बहरहाल अगर इस भ्रष्ट थानेदार को यहाँ से शीघ्र न हटाया गया तो तमाम आक्रोषित पत्रकार तमाम सबूतों के साथ शीघ्र ही दिल्ली पहुंचकर पीएमओ व गृह मंत्रालय को यहाँ के कारनामो से अवगत कराएंगे, और सरकार को गुमराह करके मामले को डकारने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग करेंगे

#gonda #wajeerganj #policecoraption #newsnnc24

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.