अवैध अस्पताल की शिकायत पर वैक्सीन की रिपोर्ट! IGRS निस्तारण पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता बोला— विषय पढ़े बिना फाइल बंद कर रहे अधिकारी, प्राइवेट ऑपरेटर चला रहे व्यवस्था
शाहजहांपुर। सरकारी शिकायत निस्तारण प्रणाली आईजीआरएस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे कथित अवैध अस्पताल की शिकायत पर ऐसा निस्तारण सामने आया है, जिसने अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार शिकायत अवैध अस्पताल के संचालन से संबंधित थी, लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से जो आख्या प्रस्तुत की गई, उसमें वैक्सीन लगाए जाने का उल्लेख कर दिया गया। शिकायत में अस्पताल संचालन का मुद्दा था, जबकि जवाब पूरी तरह अलग विषय पर दिया गया।
स्क्रीनशॉट के अनुसार शिकायतकर्ता के असंतुष्ट फीडबैक के बाद मामला उच्च अधिकारी को पुनः परीक्षण हेतु भेजा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई विभागों में प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर शिकायतों का निस्तारण तैयार करते हैं, जबकि अधिकारी केवल औपचारिक स्वीकृति देकर फाइलें बंद कर देते हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब शिकायत का विषय ही नहीं पढ़ा गया तो जांच और निस्तारण की गुणवत्ता कितनी गंभीरता से की जा रही है। मामले ने आईजीआरएस प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

