भ्रष्टाचार की चाशनी में डूबे नगर के वीर: जनता ढूंढ रही रोशनी, अधिकारी गिन रहे गांधी वाले नोट
टेंडर फिक्सिंग का सर्कस: जेम पोर्टल पर साहब दिखाते हैं जादू, गायब कर देते हैं ईमानदार ठेकेदार
जलालाबाद शाहजहांपुर। नगर पालिका की गलियों से एक ऐसी रोशनी छनकर आ रही है, जिसने पूरे शहर को अंधेरे में डुबो दिया है। विकास का पहिया घूमे न घूमे, लेकिन भ्रष्टाचार की चाशनी में डूबे हमारे नगर के वीरों का टेंडर वाला चक्रव्यूह बड़ी तेजी से घूम रहा है। आइए, आपको मिलाते हैं उन जादुई चिरागों से, जिन्हें रगड़ते ही शहर की लाइटें तो नहीं जलतीं, पर तिजोरियां जरूर भर जाती हैं।
कहने को तो ₹4,70,00,000 रोड लाइट और स्ट्रीट लाइट के नाम पर स्वाहा कर दिए गए, लेकिन नतीजा? ढाक के वही तीन पात। नगर की सड़कों पर अंधेरा ऐसा है कि भूत भी रास्ता भूल जाएं, पर हमारे चेयरमैन साहब और ईओ महोदय की दूरदृष्टि इतनी तेज है कि उन्हें इस अंधेरे में भी कमीशन साफ नजर आ रहा है।
नगर पालिका का दिल सिर्फ एक ही कंपनी के लिए धड़कता है— SBA कंपनी। यह कोई व्यापारिक रिश्ता नहीं, बल्कि अंधेरी मोहब्बत है -पिछले 3 साल से लगातार टेंडर इसी कंपनी की झोली में।प्रतिवर्ष 3 करोड़ का ठेका।
जेम पोर्टल पर खेल ऐसा कि अगर कोई दूसरी कंपनी गलती से कम रेट डाल दे, तो नियम-कायदों की ऐसी बलि दी जाती है कि ठेका घूम-फिरकर फिर से SBA की दहलीज पर ही दम तोड़ता है।
विश्वस्त सूत्रों से खबर मिली है कि चौथी बार भी इसी कंपनी को टेंडर देने की फिक्सिंग पूरी हो चुकी है। भ्रष्टाचार की चाशनी इतनी गाढ़ी है कि इसमें नैतिकता के सारे पंख चिपक चुके हैं।
शहर जल रहा है या नहीं, ये बाद की बात है... साहब का टेंडर नहीं रुकना चाहिए।
तैयार रहिए,हम खोलेंगे उन लजीज वीरों का कच्चा चिट्ठा, जिन्होंने नगर को तिजोरी समझकर लूटा है।
कैसे कैंसिल होते हैं दूसरे टेंडर?
कैसे अंधेरे के नाम पर चमकती है साहब की किस्मत?
और कौन-कौन से नाम हैं इस भ्रष्टाचार की फेहरिस्त में शामिल?
DM Shahjahanpur
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