दारोगा की डायरी छीनी, वर्दी फाड़ी और कर दी फायरिंग...' यूपी पुलिस पर हमले की वो खौफनाक कहानी जिसे छुपा रहा था थाना
शाहजहांपुर तिलहर के बंधी चक गांव में दारोगा गौरव शर्मा की वर्दी और सरकारी अभिलेख फाड़ दिए गए। विरोध किया तो उन पर व उनके साथी हेड कांस्टेबल पर फायरिंग भी की गई। आरोपित एक डायरी लेकर भी भाग गया, लेकिन इतना सब होने की बजाय आरोपितों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय थाना स्तर से न सिर्फ मामले को दबाने का प्रयास किया गया बल्कि उच्चाधिकारियों को जानकारी तक नहीं दी गई।
मामला जब एसपी सौरभ दीक्षित के संज्ञान में पहुंचा तो न सिर्फ उन्होंने संबंधितों से नाराजगी जताई बल्कि हमलावर नकुल उसके भाई गुड्डू के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने से लेकर जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करा दी। तिलहर थाने में तैनात दारोगा गौरव शर्मा ने 26 मई शाम को हेड कांस्टेबल भारतमणि एक प्रार्थना पत्र की जांच करने के लिए बंधी चक गांव पहुंचे थे।
हरनौखा गांव निवासी महिला ने नकुल पर एक मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। गांव के पास आराेपित नकुल व उसका भाई गुड्डू मिल गए थे। नकुल से जब पूछताछ करना शुरू की तो दोनों भाई गाली-गलौज करने लगे। गुड्डू ने दारोगा के हाथ से डायरी छीनकर उसमे रखा शिकायती पत्र, एफआइआर, न्यायालय से संबंधित अन्य अभिलेख और दारोगा की वर्दी को फाड़ दिया।
आरोप है कि दोनों भाइयों ने पैंट से तमंचे निकालकर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। जिससे वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद दाेनों आरोपित धमकी देते हुए भाग गए। घटना की जानकारी जब थाने में दी गई तो प्रभारी निरीक्षक प्रिंस शर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इतना गंभीर मामला होने के बाद भी इसकी एसपी काे जानकारी देना उचित नहीं समझा गया।
घटना के चौबीस घंटा बीतने के बाद जब मामला एसपी के संज्ञान में पहुंचा तो न सिर्फ उन्होंने तिलहर पुलिस को इसके लिए फटकार लगाई बल्कि तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए। जिसके बाद दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कराई गई। नकुल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि गुड्डू को दो दिन बीतने के बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।
सिर्फ अभद्रता होना बताकर झाड़ रहे थे पल्ला
करीब चौबीस घंटे बाद जब घटना पर डाला गया पर्दा उठने के बाद भी प्रभारी निरीक्षक प्रिंस शर्मा व सीओ इशिता सिंह सिर्फ सामान्य घटना बता रहीं थी। उनका कहना था कि अभद्रता हुई है, जांच कराई जा रही है।
तहरीर के आधार पर प्राथमिकी पंजीकृत करवा दी गई है। एक आरोपित को पकड़ लिया गया है, दूसरे की तलाश की जा रही है। प्रकरण की जांच कराई जा रही थी जिस वजह से प्राथमिकी दर्ज होने में देरी हुई है। दूसरे आराेपित को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

