गोंडा के खरगूपुर थाना क्षेत्र के डींगुर गांव में दहेज प्रताड़ना से परेशान होकर जरीना बेगम (26) की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके पति मोहम्मद हुसैन और ससुर इंसान अली को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, जरीना की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान रविवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर में मेडिकल कराया गया और फिर कोर्ट में पेश किया गया।
पिता ने लगाया हत्या और दहेज उत्पीड़न का आरोप
मृतका के पिता निजामुद्दीन ने खरगूपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही पति, सास, ससुर, देवर और ननद अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। कम दहेज लाने का ताना देकर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि 29 मई को सूचना मिली कि उनकी बेटी ने फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंचने पर जरीना का शव फंदे से लटका मिला। उनका कहना है कि दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना के चलते उसकी मौत हुई और ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी हत्या की है।
सास, देवर और ननद की तलाश जारी
मामले में नामजद अन्य आरोपी सास शकीना, देवर नफीस और ननद तबस्सुम अभी फरार हैं। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
जल्द होगी बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी
खरगूपुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, हेड कांस्टेबल सुनील प्रसाद मौर्य, कांस्टेबल ऋषि यादव और कांस्टेबल पंकज कुमार प्रेमी की टीम ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

