अनुराग की मौत पर बरकरार रहस्य, दुर्घटना या साजिश?
एसडीओ को ही क्यों बनाया गया बंधक, कई सवालों के जवाब अभी बाकी
शाहजहांपुर। बहादुरगंज पावर हाउस में संविदा विद्युत कर्मी अनुराग शुक्ला की करंट लगने से हुई मौत के बाद मामला लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद मौत की परिस्थितियों पर से पूरी तरह पर्दा नहीं उठ सका है। क्षेत्र में लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह एक सामान्य दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही अथवा अन्य कारण जिम्मेदार हैं।
हरदोई जनपद के शाहाबाद निवासी अनुराग शुक्ला पिछले करीब 20 वर्षों से बहादुरगंज पावर हाउस में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि वह बिजली लाइन पर कार्य कर रहे थे, तभी अचानक करंट दौड़ गया, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं एक अन्य विद्युत कर्मी गंभीर रूप से झुलस गया, जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने एसडीओ को बंधक बना लिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में एक सवाल लगातार चर्चा में है कि आखिर लोगों का गुस्सा केवल एसडीओ पर ही क्यों फूटा। विद्युत व्यवस्था के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोगों के बीच चर्चा है कि यदि लाइन बंद थी तो उसमें करंट कैसे आया और यदि लाइन चालू थी तो कर्मचारियों को पोल पर कार्य करने की अनुमति किसने दी। क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था? क्या शटडाउन लिया गया था? यदि लिया गया था तो लाइन चालू कैसे हो गई? ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब अभी तक सामने नहीं आए हैं।
अनुराग शुक्ला की मौत के बाद विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। परिजन और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक हादसा था या किसी स्तर पर हुई लापरवाही ने एक कर्मचारी की जान ले ली।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है, लेकिन अनुराग की मौत को लेकर उठ रहे सवालों ने बहादुरगंज पावर हाउस की इस घटना को रहस्यमय बना दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई पूरी तरह सामने आ सकेगी।

