60 रुपये में तैयार हो रहा था 1 लीटर पेट्रोल, #शाहजहांपुर में इंजन खराब करने वाला केमिकल मिला रहे थे, 50 हजार लीटर से #ज्यादा ईंधन बेचा *****

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**** 60 रुपये में तैयार हो रहा था 1 लीटर पेट्रोल, #शाहजहांपुर में इंजन खराब करने वाला केमिकल मिला रहे थे, 50 हजार लीटर से #ज्यादा ईंधन बेचा *****


#शाहजहांपुर में पेट्रोल-डीजल में मिलावट का बड़ा खुलासा हुआ है। जिला पूर्ति अधिकारी ने एक अवैध पेट्रोल पंप को सीज किया है और 5 लोगों को #गिरफ्तार किया है। बिना लाइसेंस के यह पेट्रोल पंप 1 साल से चल रहा था और अब तक 50 हजार लीटर से ज्यादा पेट्रोल-डीजल बेचा जा चुका है। जिस केमिकल की मिलावट की जा रही थी उससे वाहनों के इंजन खराब होने का खतरा रहता है।


#कानपुर से केमिकल लाकर इसे 60:40 के रेशियो में मिलाया जाता था। इस तरह से एक लीटर पेट्रोल 60 रुपये में तैयार हो जाता था। #आरोपियों ने पंप का एक नकली लाइसेंस भी बना रखा था। पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 8 किमी रोजा थाना क्षेत्र का है।


#मंगलवार को एसपी सिटी देवेंद्र सिंह ने प्रेस #कांफ्रेस करके मामले का खुलासा किया। 22 मई को अधिकारियों तक पेट्रोल-डीजल में मिलावट की सूचना पहुंची। 22 मई को जिला पूर्ति अधिकारी ने टीम के साथ भावलखेड़ा के #डींगुरपुर में बने इस पंप पर छापेमारी की और पंप को सीज कर दिया। भूमिगत टैंक से 300 लीटर पेट्रोल और 100 लीटर #डीजल बरामद हुआ। कई वाहन चालक पेट्रोल भरवाते मिले थे।


पंप पर अमन कुमार और रॉकी नाम के दो कर्मचारी मिले। दोनों ने बताया कि 8 हजार महीने की #सैलरी पर काम कर रहे हैं। पंप के #संचालन संबंधी कोई लाइसेंस या डॉक्यूमेंट्स नहीं मिले। टीम को एक रजिस्टर मिला, जिसमें पेट्रोल और #डीजल की बिक्री का रिकॉर्ड था। पंप पर 10,000 और 12000 क्षमता के दो भूमिगत टैंक लगे थे।


#रोजा थाने में FIR के बाद दो टीम बनीं

रोजा थाने में FIR दर्ज की गई और पुलिस की दो टीमें जांच में लगाई गईं। जांच में पता चला कि पंप का संचालक निगोही थाना क्षेत्र का रहने वाला शिवराज वर्मा है। मुखबिर की सूचना सोमवार की रात पुलिस ने 3 लोगों को पकड़ लिया।


#इन तीन में पंप का संचालक शिवराज वर्मा, मुख्य सहयोगी रामबरन उर्फ वीरेश शामिल हैं। इसके अलावा लखीमपुर खीरी का रहने वाला एक और कर्मचारी अशरफ अली खां भी पकड़ा गया। इनमें से मिलावट का काम वीरेश का था।


#गोदाम में 65 ड्रम में भरकर रखा था केमिकल

रोजा और सिंधौली पुलिस ने संयुक्त रूप से वीरेश के ठिकाने पर छापेमारी की। मूड़ा हारिस में वीरेश ने एक गोदाम बना रखा था। यहां से 65 ड्रमों में भरा 10 हजार लीटर पेट्रोल, डीजल और केमिकल का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद ईंधन के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।


#शिवराज ने 15 लाख रुपये खर्च करके यह अवैध पेट्रोल पंप खोला था। उसने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। इसके बाद वीरेश को उसने अपने साथ मिलाया। वीरेश कानपुर से केमिकल लाकर मिलावट का काम करता था।


#कानपुर की कंपनी से लाता था केमिकल

वीरेश इस काम को अपने एक गोदाम में करता था। वह कानपुर से प्रेसटीज कोटिंग लिमिटेड कंपनी से MIX SOLV-P-SPL और HCM SPL-M के केमिकल खरीदकर लाया था। इसके 4 बिल भी पुलिस को मिले हैं। इन केमिकल के अधिक समय तक प्रयोग से वाहनों के इंजन में कार्बन जमाव और बाइकों के प्लग जल्दी खराब होने का खतरा रहता है।


एक लीटर पेट्रोल तैयार करने के लिए 40 प्रतिशत पेट्रोल जबकि करीब 60 प्रतिशत केमिकल मिलाया जाता था। इसके कलर में भी कोई खास अंतर नहीं आता था। पेट्रोल पर 37 रुपये और डीजल पर 20 रुपये का केमिकल प्रयोग होता था। इस तरह एक लीटर मिलावटी पेट्रोल 60 से 65 रुपये में तैयार हो जाता था।


#दोनों को एक लीटर पर मिलते थे 15 रुपये

इससे शिवराज और वीरेश दोनों को हर लीटर पर 15-15 रुपये का मुनाफा होता था। आरोपियों ने बताया कि जब सीजन चलता था तो एक दिन में 7 से 800 लीटर बेच दिया करते थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पिछले एक साल में वो लोग करीब 50 हजार लीटर से ज्यादा मिलावटी ईंधन बेच चुके हैं।


#पेट्रोल पंप पर किसी कंपनी का नाम नहीं लिखा था। शिवराज ने सिर्फ असली की तरह दिखने वाला नकली लाइसेंस बनवा रखा था। जिससे अगर कोई जांच के लिए आए तो वह सच मान जाए कि ये पेट्रोल पंप अवैध नहीं है।


#पहले भी दो बार जेल जा चुका है शिवराज

शिवराज इससे पहले भी इसी तरह के मामलो में दो बार जेल जा चुका है। तब उसने कोई पेट्रोल पंप तो नहीं खोला था, लेकिन इसी तरह के अपराध में शामिल रहा था। इस एक साल में उसने कितनी संपत्ति बनाई है उसकी जांच की जाएगी।


#वाहन चालकों से खरीदता था डीजल-पेट्रोल

वीरेश अलग-अलग सोर्स से डीजल और पेट्रोल हासिल करता था। वाहन चालकों से सेटिंग करके बचा हुआ डीजल और पेट्रोल खरीद लेता था। इसके अलावा कुछ डीजल और पेट्रोल आरोपी दूसरे जिले से भी लाता था। यह कहां से और किससे लाता था इसकी पुलिस जांच कर रही है।


#एक साल तक विभाग को भनक नहीं लग पाई

एक साल से डिंगरपुर में अवैध पैट्रोल पंप चल रहा था। खुलेआम मिलावटी तेल ग्राहकों को बेचा जा रहा था, लेकिन जिला पूर्ति विभाग को इसकी भनक नहीं लगी। मामले की शिकायत जब आलाधिकारियों से की गई पूर्ति विभाग एक्शन में आया और इतने बड़ा खुलासा हुआ।


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