ससुरारी रसगुल्लों के चक्कर में हनीमून पड़ा भारी: शाहजहाँपुर पुलिस ने बंगाल से घसीटा 56 साल का दूल्हा
शाहजहाँपुर। कहते हैं कि अपराध की दुनिया में भले ही कितनी भी गर्मी हो, लेकिन ससुराल की हवा हमेशा ठंडी ही लगती है। शाहजहाँपुर के थाना रामचन्द्र मिशन क्षेत्र के एक अत्यंत संस्कारी और सीधे-साधे हिस्ट्रीशीटर, ओमकार उर्फ झब्बू (उम्र 56 वर्ष) को भी यही गलतफहमी हो गई थी। महाशय पिछले काफी समय से कानून की आंखों में मिर्च झोंककर, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में अपनी ससुराल के फ्री के रसगुल्ले तोड़ रहे थे और साले-साली के साथ अतिथि देवो भव: का लुत्फ उठा रहे थे।
परंतु, शाहजहाँपुर के सिंघम पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित को झब्बू का यह अंतहीन ससुरारी हनीमून बर्दाश्त नहीं हुआ। कप्तान साहब ने एक ऐसी स्पेशल मेहमाननवाजी टीम तैयार की, जिसने सीधे बंगाल के बेहरामपुर में धावा बोलकर झब्बू की विदाई की रस्म पूरी कर दी। इस शानदार ऑपरेशन के बाद कप्तान साहब का सीना चौड़ा होना तो लाजिमी है, आखिर उनके जांबाजों ने बंगाल टाइगर के इलाके से अपना शिकार जो निकाला है।
56 साल के इस झब्बू (पुत्र सेवाराम, निवासी ग्राम गुवांरी) का प्रोफाइल इतना दमदार है कि कोर्ट-कचहरी वाले भी इनके दीवाने हैं। इनके ऊपर माननीय उच्च न्यायालय की क्रिमिनल अपील संख्या 1417/12 का तगड़ा केस है, और रोजा थाने में हत्या व लूट (धारा 302/307/34/394 भादवि) का ऐसा शाही मुकदमा दर्ज है कि सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाएं। झब्बू को लगा था कि शाहजहाँपुर से सैकड़ों किलोमीटर दूर बंगाल की वादियों में छिपकर वह परम शांति पा चुके हैं, लेकिन कानून के हाथ उनकी ससुराल की चौखट तक पहुंच ही गए।
17 मई की दोपहर, जब झब्बू ससुराल में पैर पसारकर आराम फरमा रहे थे, तभी रामचन्द्र मिशन थाने के जांबाज उपनिरीक्षक विक्रम कुमार, उपनिरीक्षक सत्येन्द्र पाल सिंह और सुपरकॉप कांस्टेबल लवकुश शर्मा ने उनके दरवाजे पर दस्तक दी। पुलिस को देखते ही झब्बू का ससुरारी टशन काफूर हो गया।
पुलिस टीम ने पहले तो स्थानीय लॉर्ड सी.जे.एम. कोर्ट, मुर्शिदाबाद के सामने झब्बू को पेश किया और वहां से तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड का सरकारी पास (टिकट) बनवाया। इसके बाद, इन्हें दून एक्सप्रेस के विशेष सुरक्षा घेरे में बिठाकर, 19 मई की रात सीधे शाहजहाँपुर थाने के लॉकअप में सादर दाखिल करा दिया गया।
पते की बात यह है कि जो झब्बू कभी इलाके में खौफ का दूसरा नाम हुआ करते थे, आज शाहजहाँपुर पुलिस के सामने भीगी बिल्ली बने खड़े हैं। फिलहाल, पुलिस इस इंटर-स्टेट मेहमान को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने जा रही है, जहां कोर्ट इनके रहने, खाने और चक्की पीसने का पक्का और दीर्घकालिक इंतजाम करने वाली है।
SP Shahjahanpur शाहजहाँपुर पुलिस

