साहब, थोड़ा नमक स्वादानुसार था!’: जब बदायूं में नमक से ‘पोटाश’ बनाकर खेतों का बीपी बढ़ाया जा रहा था ​बदायूं (उप्र):

 ‘साहब, थोड़ा नमक स्वादानुसार था!’: जब बदायूं में नमक से ‘पोटाश’ बनाकर खेतों का बीपी बढ़ाया जा रहा था

​बदायूं (उप्र):

​बदायूं के खैरी गांव (बिल्सी-इस्लामनगर रोड) में विज्ञान का ऐसा अनूठा ‘देसी चमत्कार’ चल रहा था, जिसे देखकर खुद केमिस्टों की आत्मा भी छटपटा जाए। यहाँ की एक गुप्त प्रयोगशाला (पढ़ें: नकली पोटाश बनाने की अवैध फैक्ट्री) पर जब कृषि विभाग ने छापा मारा, तो ऐसा हड़कंप मचा मानो नमक के कट्टों पर मिर्ची छिड़क दी गई हो!


​मास्टरमाइंड आरिफ साहब (सहसवान के पठान टोला वाले) शायद रसोई घर के उस बुनियादी नियम से प्रेरित थे कि ‘नमक हर चीज़ का जायका बदल देता है’। बस फिर क्या था, उन्होंने सोचा कि अगर दाल-सब्जी में नमक चल सकता है, तो बेचारी फसलों ने क्या बिगाड़ा है? सो, पोटाश की जगह खेतों में सीधे 300 बोरी नमक परोसने की पूरी तैयारी थी।

​मौके से क्या-क्या जप्त हुआ? जरा ‘लैब’ के उपकरण देखिए:

​300 बोरी नमक: ताकि फसलों में आयोडीन की कमी न हो और उनका भी बीपी ‘हाई’ रहे।

​दो सिलाई मशीनें और धागा: ब्रांडेड पोटाश की थैली सीने के लिए दर्जियों जैसी फिनिशिंग की व्यवस्था!

​एक जनरेटर: क्योंकि ‘ब्रांडेड फर्जीवाड़ा’ बिना पावर कट के चलना चाहिए।

​इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) के कट्टे: आखिर असली दिखने के लिए कंपनी का ठप्पा भी तो जरूरी था।

​छापेमारी के दौरान जब कृषि विभाग की टीम पहुँची, तो आरिफ साहब समेत कुल 9 'महान वैज्ञानिकों' को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। अब पुलिस और विभाग उनसे यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह पोटाश फसल उगाने के लिए था या फिर आने वाले मानसून में पूरी मिट्टी को नमकीन बनाने की कोई दूरगामी साजिश?

​फिलहाल, सभी 9 कलाकार अब कानून की 'अदालत' में अपना स्वाद सुधार रहे हैं और बदायूं के किसान राहत की सांस ले रहे हैं कि उनके खेतों में ‘स्वादानुसार पोटाश’ पड़ने से बच गया!

#BadaunNews

​#UPNews

​#BadaunPolice

​#Sahaswan

​#Islamnagar

​#FakePotash

​#DesiJugaad

​#NamakSwadanusar

​#CrimePatrolHindi

​#UPCrime

​#BadaunFarming

​#KhabarHaseenHai

Post a Comment

और नया पुराने