रिश्तेदारी में ली शरण, कोर्ट जाएगा समीर का परिवार
शाहजहांपुर - कांट थाना क्षेत्र में हुए गौतम मौर्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी समीर अली के मकान पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद उसका पूरा परिवार बेघर हो गया है। गुरुवार को मकान ध्वस्त किए जाने के बाद शुक्रवार को मौके पर मलबा पड़ा रहा। मकान में पांच परिवारों के करीब 30 लोग रहते थे। कार्रवाई के बाद परिवार के सदस्यों ने शाहजहांपुर छोड़कर लखीमपुर खीरी के सल्लिया गांव में रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। परिवार का कहना है कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है और मकान ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। परिवार की महिला अमीरन ने बताया कि कार्रवाई के बाद सभी लोग खुद को असहाय महसूस कर रहे थे। उनका कहना है कि पूरे दिन वह मोहल्ले में इस उम्मीद में बैठे रहे कि शायद कोई मदद के लिए आगे आए, लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया। इसके बाद परिवार ने शाहजहांपुर छोड़ने का निर्णय लिया। परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि मकान के संबंध में प्रशासन को कार्रवाई करनी थी तो पूरे परिवार को बेघर होने की स्थिति में क्यों पहुंचाया गया। उन्होंने गौतम हत्याकांड में साजिश रचने के आरोपित अश्वनी के मकान पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
**हाईकोर्ट में याचिका की तैयारी**
समीर के परिजनों का कहना है कि अब उन्हें प्रशासन से अधिक न्यायालय पर भरोसा है। परिवार जल्द ही हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मकान पर हुई कार्रवाई को चुनौती देने की तैयारी में है। उनका कहना है कि न्यायालय में उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा और वहीं से न्याय की उम्मीद है।
गौतम मौर्य हत्याकांड के बाद कांट क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार चर्चा में रही है। अब आरोपी के परिवार के शाहजहांपुर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण लेने और हाईकोर्ट जाने की तैयारी से मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है।

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