यूपी में भ्रष्टाचार करने वालों का कलेजा देखिये. बुजुर्गों ने वृद्धावस्था पेंशन का फॉर्म भरा, लेकिन लेखपाल को देने के लिए रिश्वत के 200 रुपये इनके पास नहीं थे. तो लेखपाल साहब ने चारों को मृत ही घोषित कर दिया.
आगरा की सदर तहसील में चार बुजुर्गों ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए फॉर्म तो भर दिया, लेकिन कागज़ आगे बढ़ाने को सत्यदीप नाम के लेखपाल ने इनसे 200 रुपये मांग लिए.
रुपये न मिलने पर स्लेख्पाल ने बुजुर्ग वीरेंद्र तिवारी, ताराचंद, शिशुपाल और प्रकाशवती को मृत घोषित कर दिया. अब ये चारों एसडीएम दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं ये साबित करने के लिए कि साहब हम जिंदा हैं.
बुजुर्ग कह रहे हैं अरे पेंशन दो न दो.. जिंदा तो रखो.
ये हाल है रिश्वत के लेन-देन का. भ्रष्टाचार नींव में पहुँच चुका है.
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