नोएडा में डेटा सेंटर के लिए अदाणी समूह को समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस देने की तैयारी के खिलाफ उपभोक्ता परिषद फिर मैदान में, कहा—इस बार भी सफल नहीं होने देंगे
लखनऊ। नोएडा में डेटा सेंटर के लिए अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस स्टेप इलेवन लिमिटेड को पृथक एवं समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस दिए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य श्री अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अदाणी समूह द्वारा डेटा सेंटर के लिए समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस की मांग के मामले में उपभोक्ता परिषद ने पहले भी नियामक आयोग के समक्ष मजबूती से विरोध दर्ज कराया था और यह मामला वर्ष 2023 से विचाराधीन है। अब एक बार फिर डेटा सेंटर के लिए पृथक वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया सामने आने पर परिषद उपभोक्ता हितों की पूरी ताकत से पैरवी करेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने 5 अगस्त को आदेश जारी कर प्रस्तावित लाइसेंस से संबंधित मसौदा समाचार पत्रों में प्रकाशित कराकर एक माह के भीतर आपत्तियाँ एवं सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसी क्रम में अदाणी समूह द्वारा भी समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है।
श्री वर्मा ने कहा कि डेटा सेंटर के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस देना केवल एक परियोजना का विषय नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश की मौजूदा विद्युत वितरण व्यवस्था, वितरण कंपनियों के राजस्व और करोड़ों विद्युत उपभोक्ताओं के हित सीधे प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में एनआईडीपी को पहले ही डेटा सेंटर के लिए पृथक विद्युत वितरण लाइसेंस दिया जा चुका है। अब नोएडा में अदाणी समूह के डेटा सेंटर के लिए भी ऐसी ही व्यवस्था किए जाने से भविष्य में अन्य बड़े उपभोक्ताओं के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस का रास्ता खुल सकता है।
श्री वर्मा ने कहा कि बड़े और अधिक राजस्व देने वाले उपभोक्ताओं के मौजूदा वितरण व्यवस्था से बाहर जाने की स्थिति में वितरण कंपनियों के राजस्व, क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था तथा सामान्य उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक प्रभाव का गंभीरता से आकलन जरूरी है। साथ ही वर्षों से विकसित विद्युत नेटवर्क और उसमें किए गए निवेश की लागत-वसूली का प्रश्न भी महत्वपूर्ण है।
2023 से विचाराधीन मामले में इस बार भी सफल नहीं होने देंगे
श्री वर्मा ने कहा कि वर्ष 2023 से विचाराधीन समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस के मामले में उपभोक्ता परिषद ने पहले भी अपना विरोध दर्ज कराया था। अब डेटा सेंटर के लिए अदाणी समूह की इस पहल को भी उपभोक्ता हितों की कसौटी पर परखा जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “उपभोक्ता परिषद इस बार भी समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस की कोशिश को सफल नहीं होने देगा और आयोग के समक्ष मजबूती से अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा।”
उन्होंने कहा कि परिषद निवेश का विरोध नहीं करता। निवेश आए और रोजगार बढ़े, लेकिन इसकी कीमत आम बिजली उपभोक्ताओं को नहीं चुकानी चाहिए।
परिषद निर्धारित एक माह की अवधि के भीतर आयोग के समक्ष विस्तृत आपत्ति दाखिल करेगा और डेटा सेंटर के लिए प्रस्तावित समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस के आर्थिक, तकनीकी और उपभोक्ता हितों पर पड़ने वाले प्रभाव को प्रमुखता से उठाएगा।

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