गौशालाओं में लापरवाही पर DM सख्त, दो का संचालन छीना, सचिव का वेतन रोका, गोपालकों के मानदेय पर अल्टीमेटम
फर्रुखाबाद में गो आश्रय स्थलों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर का कड़ा रुख, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
फर्रुखाबाद, 1 जून 2026 जनपद में गोवंश संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गो आश्रय स्थल जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि गोवंश संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🛑 लापरवाही पर गिरी गाज: प्रमुख कार्रवाइयां
बैठक में समीक्षा के दौरान कई गंभीर कमियां पाई गईं, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल एक्शन लिया:
NGO से छीना संचालन: गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) द्वारा संचालित गौ आश्रय स्थल सितवनपुर पिथू एवं सुल्तानपुर पलनापुर का संचालन बेहद असंतोषजनक पाया गया। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए इनका संचालन तत्काल प्रभाव से संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत सचिव का वेतन रोका: गौ आश्रय स्थल बसेली में नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड (अभिलेख) गायब मिले। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायत सचिव का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का आदेश दिया।
गोपालकों के मानदेय पर 2 दिन का अल्टीमेटम: बृहद गौ संरक्षण केंद्र पहाड़पुर के गोपालकों को पिछले 6 महीने से मानदेय न मिलने पर जिलाधिकारी भड़क गए। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि 2 दिन के भीतर एसएफसी पूलिंग की धनराशि एकत्रित कर गोपालकों के बकाये का भुगतान सुनिश्चित करें।
📋 व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए समय-सीमा (Timeline) निर्धारित की है:

