आईटीबीपी जवान की मां के क*टे हाथ के मामले की गूंज उठी लखनऊ से दिल्ली तक,
सीएमओ हरिदत्त नेमी हटाए गए,
बल्कि लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर भी कार्यवाही तय मानी जा रही है,आईटीबीपी जवान की मां के क*टे हाथ के मामले ने ऐसा तूल पकड़ा कि चिकित्सा व्यवस्था पर भ्रष्ट सिस्टम की पोल खोल दी।
मामले में कथित लापरवाही, अस्पतालों को लेकर उठे सवाल और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बढ़ते दबाव के बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी को कानपुर से हटाकर जालौन भेजा गया, जबकि उनकी जगह डॉ. अवधेश यादव को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है
शहर में चर्चा है कि लंबे समय से विवादों में रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर आखिरकार शासन को बड़ा फैसला लेना पड़ा।
इस प्रकरण ने कानपुर में स्वास्थ्य तंत्र और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं पुलिस विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में बनी हुई है। चर्चा है कि पीड़ित आईटीबीपी जवान को एफआईआर दर्ज कराने के लिए कई दिनों तक भटकना पड़ा और अंततः उसे अपने वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप के लिए बुलाना पड़ा
बताया जाता है कि आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद मामले में कार्रवाई तेज हुई और संबंधित दोनों अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
सूत्रोनुसार अब निगाहें शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि शहर में यह चर्चा जोरों पर है कि मामले में कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों पर भी जल्द कार्रवाई की गाज गिर सकती है

