वार्ता के लिए बुलाकर नहीं मिले अधिकारी, नगर निगम में धरने पर बैठे व्यापारी
शाहजहांपुर। जनसमस्याओं को लेकर व्यापारियों का गुस्सा नगर निगम कार्यालय में फूट पड़ा। व्यापारियों का आरोप है कि नगर आयुक्त की ओर से वार्ता के लिए बुलाए जाने के बावजूद तय समय पर न तो नगर आयुक्त मौजूद थीं और न ही अपर नगर आयुक्त एस.के. सिंह कार्यालय में मिले। इससे नाराज व्यापारियों ने इसे व्यापारी समाज का अपमान बताते हुए नगर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया।
बाद में मेयर अर्चना वर्मा ने हस्तक्षेप करते हुए व्यापारियों को अपने चेंबर में बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने शहर की जर्जर सड़कों और गड्ढों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मरम्मत न होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। जिला महामंत्री नाजिम खान ने आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता जताई।
नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने शहर में बढ़ते ई-रिक्शों के संचालन के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की। वहीं जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता ने नगर निगम बनने के बाद हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और दुकानों-मकानों के किरायों में हुई वृद्धि पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बार-बार मांग के बावजूद राहत नहीं मिली, जबकि पूर्व जिलाधिकारी द्वारा प्रतिवर्ष तीन प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान भी लागू कर दिया गया है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि नगर आयुक्त जनता और व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनेंगी तो भविष्य में नगर निगम का घेराव किया जाएगा।
धरने में अतुल गुप्ता, रोहित अग्रवाल, सतनाम चावला, चंद्रप्रकाश गुलाटी, नबी हसन, मोहम्मद रफी, राजीव गुप्ता, मुकेश गुप्ता, रतन सक्सेना, सुरेंद्र सेठी, शाहबाज खान, संजय सेठी, कमाल फहीम, अरशद खान, अभिषेक मोहन, राकेश वर्मा, संतोष महेंद्रु सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

